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MP Rain Alert: मानसून ने बदली चाल, एमपी के 35 जिलों में बारिश का अलर्ट, जानें कहां बरसेंगे सबसे ज्यादा बादल
Sat, 25 Jul 2026 07:07 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 25 Jul 2026 07:07 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आज 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिन तक कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। प्रदेश में अब तक औसतन 13 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से करीब 11% कम है। हालांकि पिछले चार दिनों की अच्छी बारिश से वर्षा के घाटे में सुधार हुआ है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले चार दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें कई जिलों में तेज बारिश तो 20 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश में अब तक औसतन 13 इंच (330.4 मिमी) बारिश हो चुकी है, जो पूरे मानसून के सामान्य कोटे का करीब 35 प्रतिशत है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने तथा प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजरने के कारण वातावरण में 80 से 95 प्रतिशत तक आर्द्रता बनी हुई है। इसी वजह से पूर्वी, मध्य और दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश से सुधरे आंकड़े, लेकिन कमी अब भी बरकरार
पिछले चार दिनों में लगातार हुई बारिश से प्रदेश की वर्षा की कमी में सुधार हुआ है। 20 जुलाई तक जहां बारिश सामान्य से 17 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह घटकर करीब 11 प्रतिशत कम रह गई है। इसके बावजूद पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
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14 जिलों में सामान्य से बेहतर बारिश
प्रदेश के 14 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें भोपाल, इंदौर, सीहोर, देवास, हरदा, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, भिंड, बुरहानपुर, आगर-मालवा और दमोह प्रमुख हैं। वहीं 41 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम बनी हुई है।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
इस मानसून में देवास सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, दमोह, डिंडोरी और अनूपपुर में 16 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल है।
यह भी पढ़ें- GIS-2027 की कमान मंडलोई को, खाड़े सचिव CMO, लक्ष्यकार बने इंदौर आयुक्त, कटेसरिया रतलाम DM
आज इन जिलों में ज्यादा असर
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में बारिश का अलर्ट है। वहीं मैहर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में भी रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
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अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने तथा प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजरने के कारण वातावरण में 80 से 95 प्रतिशत तक आर्द्रता बनी हुई है। इसी वजह से पूर्वी, मध्य और दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
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बारिश से सुधरे आंकड़े, लेकिन कमी अब भी बरकरार
पिछले चार दिनों में लगातार हुई बारिश से प्रदेश की वर्षा की कमी में सुधार हुआ है। 20 जुलाई तक जहां बारिश सामान्य से 17 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह घटकर करीब 11 प्रतिशत कम रह गई है। इसके बावजूद पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
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14 जिलों में सामान्य से बेहतर बारिश
प्रदेश के 14 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें भोपाल, इंदौर, सीहोर, देवास, हरदा, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, भिंड, बुरहानपुर, आगर-मालवा और दमोह प्रमुख हैं। वहीं 41 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम बनी हुई है।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
इस मानसून में देवास सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, दमोह, डिंडोरी और अनूपपुर में 16 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल है।
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