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MP Weather Today: जुलाई की झमाझम भी बेअसर,मध्य प्रदेश में 13% बारिश अब भी कम,अगले 4 दिन तेज बरसात के आसार नहीं
Sat, 01 Aug 2026 07:06 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 01 Aug 2026 07:06 AM IST
सार
जुलाई के आखिर में मालवा-निमाड़ में भारी बारिश के बावजूद मध्य प्रदेश में अब भी 13 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। 42 जिले सामान्य से कम बारिश वाले हैं और मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई है। अगस्त में नए मौसम तंत्र बनने पर हालात सुधरने की उम्मीद है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जुलाई के अंतिम दिनों में हुई जोरदार बारिश भी मध्य प्रदेश में मानसून की कमी पूरी नहीं कर सकी। प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, जबलपुर समेत 42 जिले अभी भी औसत से कम वर्षा वाले हैं। मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ रही हैं, इसलिए अगले चार दिन कहीं भी व्यापक भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि अगस्त में नए मौसम तंत्र बनने पर बारिश का दौर फिर तेज हो सकता है। प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में पिछले 48 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश हुई। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, धार और रतलाम सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 7.6 इंच बारिश खरगोन के गोगावां में दर्ज की गई। बुरहानपुर शहर में 7 इंच और बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच पानी बरसा। प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
आज से थमेगा तेज बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मौसम प्रणालियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं। इसके चलते अगले चार दिन प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अनुमान नहीं है। हालांकि यदि नई प्रणाली सक्रिय होती है तो कुछ क्षेत्रों में फिर तेज बारिश हो सकती है।
अब तक 15.4 इंच बारिश, 13% की कमी
प्रदेश में अब तक औसतन 15.4 इंच (390.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 17.6 इंच (448.4 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी 2.3 इंच यानी 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
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इन 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर सहित 13 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
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जून के बाद जुलाई भी रहा कमजोर
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से बारिश का ग्राफ फिर नीचे आ गया। अब अगस्त में सक्रिय मौसम प्रणालियों से ही बारिश का घाटा कम होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
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आज से थमेगा तेज बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मौसम प्रणालियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं। इसके चलते अगले चार दिन प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अनुमान नहीं है। हालांकि यदि नई प्रणाली सक्रिय होती है तो कुछ क्षेत्रों में फिर तेज बारिश हो सकती है।
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अब तक 15.4 इंच बारिश, 13% की कमी
प्रदेश में अब तक औसतन 15.4 इंच (390.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 17.6 इंच (448.4 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी 2.3 इंच यानी 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
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इन 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर सहित 13 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
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जून के बाद जुलाई भी रहा कमजोर
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से बारिश का ग्राफ फिर नीचे आ गया। अब अगस्त में सक्रिय मौसम प्रणालियों से ही बारिश का घाटा कम होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
