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MP Weather Today: पूर्वी एमपी में आज जमकर बरसेंगे बादल, जबलपुर-रीवा-शहडोल संभाग में भारी बारिश की चेतावनी
Fri, 14 Aug 2026 07:10 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 14 Aug 2026 07:10 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। आज पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट है। 12 जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा पानी गिरने का अनुमान है। भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में भी बारिश होगी। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 12% कम बारिश हुई है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 12 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार
पूर्वी जिलों के अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश हो सकती है। यहां कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ा रहा बारिश
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह बना निम्न दबाव क्षेत्र 13 अगस्त की सुबह दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया। यह उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से मानसून की द्रोणिका सक्रिय बनी हुई है। इसी वजह से मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी हिस्से में भारी वर्षा हो सकती है।
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प्रदेश में सामान्य से 2.8 इंच कम बारिश
मध्य प्रदेश में अब तक करीब 524.8 मिलीमीटर यानी 20.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 597 मिलीमीटर यानी 23.5 इंच होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 2.8 इंच पानी कम गिरा है। कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी करीब 20 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी हिस्से में 5 प्रतिशत के आसपास है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी करीब 19 प्रतिशत तक बारिश कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से में भी कई जिले पीछे चल रहे हैं। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 3 से 47 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
इन 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
यह भी पढ़ें-जेपी अस्पताल में मरीजों की जेब पर बड़ा वार, जनरल वार्ड और आईसीयू में भर्ती का अब रोज लगेगा चार्ज
जून की कमी अभी भी पूरी नहीं हुई
जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया, जिससे कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त में दोबारा सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र ने बारिश बढ़ाई है, लेकिन इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन में प्रदेश अभी सामान्य से करीब 12 प्रतिशत पीछे है। जून में हुई कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है। मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
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40 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार
पूर्वी जिलों के अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश हो सकती है। यहां कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
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बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ा रहा बारिश
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह बना निम्न दबाव क्षेत्र 13 अगस्त की सुबह दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया। यह उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से मानसून की द्रोणिका सक्रिय बनी हुई है। इसी वजह से मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी हिस्से में भारी वर्षा हो सकती है।
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प्रदेश में सामान्य से 2.8 इंच कम बारिश
मध्य प्रदेश में अब तक करीब 524.8 मिलीमीटर यानी 20.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 597 मिलीमीटर यानी 23.5 इंच होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 2.8 इंच पानी कम गिरा है। कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी करीब 20 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी हिस्से में 5 प्रतिशत के आसपास है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी करीब 19 प्रतिशत तक बारिश कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से में भी कई जिले पीछे चल रहे हैं। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 3 से 47 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
इन 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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जून की कमी अभी भी पूरी नहीं हुई
जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया, जिससे कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त में दोबारा सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र ने बारिश बढ़ाई है, लेकिन इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन में प्रदेश अभी सामान्य से करीब 12 प्रतिशत पीछे है। जून में हुई कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है। मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
