फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Stipend Standoff: MP Ranks 25th Nationwide; MBBS Interns on Strike for Second Day, Healthcare Services Affecte

स्टाइपेंड पर संग्राम: देश में 25वें नंबर पर MP, दूसरे दिन भी हड़ताल पर एमबीबीएस इंटर्न,स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

Sat, 25 Jul 2026 01:59 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 25 Jul 2026 01:59 PM IST
सार

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के एमबीबीएस इंटर्न लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इंटर्न्स 14,337 की जगह 30 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्टाइपेंड के मामले में एमपी देश में 25वें स्थान पर है। हड़ताल का असर अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है।

विज्ञापन
Stipend Standoff: MP Ranks 25th Nationwide; MBBS Interns on Strike for Second Day, Healthcare Services Affecte
एमबीबीएस इंटर्न लगातार दूसरे दिन हड़ताल पर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। चिकित्सीय कार्य का बहिष्कार कर रहे इंटर्न्स ने शनिवार को भोपाल क्या मीडिया अस्पताल परिसर में जमकर नारे बाजी की और अपनी मांगे रखी। आंदोलन का असर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है। इंटर्न्स का कहना है कि मध्य प्रदेश में उन्हें इंटर्नशिप के दौरान केवल  14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है, जबकि ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 44 हजार तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। उनका दावा है कि स्टाइपेंड के मामले में मध्य प्रदेश देश में 25वें स्थान पर है, जबकि मेडिकल शिक्षा की फीस सबसे अधिक राज्यों में पांचवें स्थान पर है। ऐसे में स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार प्रतिमाह किया जाना चाहिए।
विज्ञापन




हम भी उतना ही काम करते हैं, जितना दूसरे राज्यों के इंटर्न
आंदोलनकारी सिद्धार्थ कुमार राय ने कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है कि स्टाइपेंड 14,337 से बढ़ाकर 30 हजार किया जाए, ताकि यह दूसरे राज्यों के बराबर हो सके। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के इंटर्न भी अन्य राज्यों के इंटर्न की तरह समान जिम्मेदारी निभाते हैं और वही परीक्षाएं पास करके यहां तक पहुंचे हैं, इसलिए उन्हें भी सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलना चाहिए। सिद्धार्थ कुमार राय ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण के तहत शनिवार को हमीदिया अस्पताल से भदभदा चौराहे तक बाइक रैली निकाली जाएगी। इसके माध्यम से सरकार तक अपनी मांग और विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-मानसून ने बदली चाल, एमपी के 35 जिलों में बारिश का अलर्ट, जानें कहां बरसेंगे सबसे ज्यादा बादल
विज्ञापन
विज्ञापन



सिर्फ आश्वासन मिला, लिखित भरोसा अब तक नहीं
आंदोलनकारी अंकित पांडे ने कहा कि पिछले एक महीने से इंटर्न्स शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग, वित्त विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से भी मुलाकात हुई, जहां आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई लिखित भरोसा नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जब तक सरकार लिखित रूप से स्टाइपेंड बढ़ाने का निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


पदयात्रा के बाद शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल
गौरतलब है कि 23 जुलाई को करीब 1200 एमबीबीएस इंटर्न और भावी इंटर्न ने भोपाल में हमीदिया अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। मांग पूरी नहीं होने पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे से इंटर्न्स ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें-GIS-2027 की कमान मंडलोई को, खाड़े सचिव CMO, लक्ष्यकार बने इंदौर आयुक्त, कटेसरिया रतलाम DM

स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ रहा असर
हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहने से सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इंटर्न्स का कहना है कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर लिखित आश्वासन देती है, तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed