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MP: पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था फराज, जिहादी ट्रेनिंग की थी तैयारी; फर्जी पासपोर्ट भी बनावाया; खुलासा

Sat, 13 Jun 2026 05:05 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/सहारनपुर Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Sat, 13 Jun 2026 05:05 PM IST
सार

Bhopal News: मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल के मोहम्मद फराज और सहारनपुर के नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर कथित आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क, युवाओं की भर्ती, टारगेट किलिंग और विदेश में प्रशिक्षण की साजिश सामने आई है।

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The accused arrested in Bhopal were plotting to implement Sharia and carry out targeted killings News in hindi
गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने एक बड़े राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए भोपाल के काजी कैंप और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद फराज (भोपाल) और नईम अब्दुल्ला (देवबंद, सहारनपुर) के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों पिछले छह वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और कथित रूप से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर भारत में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। नईम फिलहाल उत्तर प्रदेश एटीएस की हिरासत में है। वहीं भोपाल से गिरफ्तार मोहम्मद फराज को अदालत में पेश कर 16 जून तक एटीएस रिमांड पर लिया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

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जांच में क्या सामने आया?
एटीएस की जांच में सामने आया है कि फराज टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पाकिस्तान समेत कई देशों के कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में था। उसके मोबाइल फोन से पाकिस्तान से भेजे गए कई आपत्तिजनक और देशविरोधी दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया है। सूत्रों के अनुसार वह मध्य प्रदेश के स्थानीय युवाओं को प्रभावित कर उनका एक नेटवर्क तैयार करने का प्रयास कर रहा था, ताकि कथित रूप से देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।
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पढ़ें: मोबाइल फोन से संदिग्ध फाइलों को भेजा था पाकिस्तान, आधी रात आरोपी को एटीएस ने उठाया; लिया रिमांड पर

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इस नेटवर्क के दूसरे अहम सदस्य 38 वर्षीय नईम अब्दुल्ला को भोपाल एटीएस ने उत्तर प्रदेश एटीएस और एसटीएफ की सहायता से सहारनपुर जिले के नानौता कस्बे से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक नईम अधिकांश समय अपने घर में ही रहता था। उसके कमरे से बड़ी मात्रा में धार्मिक साहित्य, पुस्तकें और मोबाइल फोन से संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। फिलहाल दर्ज एफआईआर में फराज और नईम को नामजद किया गया है, हालांकि एटीएस का मानना है कि पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।



 

विदेश में जिहादी प्रशिक्षण के लिए बनवाया था पासपोर्ट
पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार सहारनपुर निवासी नईम ने ही करीब छह वर्ष पहले भोपाल के फराज का संपर्क एक पाकिस्तानी हैंडलर से कराया था। आरोप है कि नईम लगातार फराज को कट्टरपंथी गतिविधियों की ओर प्रेरित कर रहा था। फराज को कथित तौर पर भारत में भय का माहौल बनाने और  टारगेट किलिंग जैसी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था।जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर के प्रभाव में आकर फराज ने उसके निर्देशों का पालन करने की शपथ ली थी। आरोप है कि उसे जो भी कार्य या लक्ष्य सौंपा जाता, उसे पूरा करने के लिए तैयार रहने को कहा गया था।

लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ साजिश की जांच
एटीएस के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर्स फराज के मोबाइल पर इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े प्रशिक्षण वीडियो और अन्य सामग्री भेजते थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि उनका उद्देश्य भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ माहौल तैयार करना और कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देना था। आरोप है कि फराज के माध्यम से स्थानीय युवाओं का एक समूह तैयार किया जा रहा था। हैंडलर्स की ओर से कथित निर्देश दिए गए थे कि नेटवर्क से जुड़े लोगों के पास हथियार होने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी साजिश को अंजाम दिया जा सके।

एटीएस के अनुसार फराज ऑनलाइन माध्यम से टारगेट किलिंग संबंधी प्रशिक्षण भी प्राप्त कर रहा था। साथ ही नेटवर्क से जुड़े लोगों को जल्द से जल्द पासपोर्ट बनवाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि उन्हें कथित रूप से विदेश में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा सके। इसी योजना के तहत फराज ने भी अपना पासपोर्ट बनवा लिया था और विदेश जाने की तैयारी में था। फिलहाल एटीएस आरोपियों के बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) तथा देश-विदेश में फैले संभावित फंडिंग नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।

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