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त्विषा शर्मा केस: डिलीट चैट्स और वॉट्सऐप बैकअप खंगाल रही सीबीआई, मोबाइल डेटा पर टिकी जांच की अहम कड़ी

Sat, 13 Jun 2026 03:36 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Sat, 13 Jun 2026 03:36 PM IST
सार

त्विषा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने डिजिटल फोरेंसिक जांच तेज कर दी है। लैपटॉप की पड़ताल पूरी होने के बाद अब मोबाइल डेटा, डिलीट चैट्स, कॉल लॉग्स और वॉट्सऐप बैकअप की जांच की जा रही है। एजेंसी घटना की पूरी डिजिटल टाइमलाइन तैयार कर रही है।

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Tvisha Sharma Case CBI examining deleted chat and WhatsApp backups investigation hinges on crucial mobile data
गिरिबाला सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने डिजिटल फोरेंसिक जांच को तेज करते हुए मृतका के लैपटॉप की तकनीकी पड़ताल पूरी कर ली है। अब एजेंसी का पूरा फोकस मोबाइल डेटा, डिलीट चैट्स, कॉल लॉग्स और वॉट्सऐप बैकअप की जांच पर केंद्रित है।

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सूत्रों के अनुसार सीबीआई घटना से पहले और उसके आसपास की पूरी डिजिटल टाइमलाइन तैयार करने में जुटी हुई है। जांच एजेंसी ने मृतका के मोबाइल की क्लोनिंग पहले ही सुरक्षित तरीके से कर ली थी, ताकि मूल डेटा से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। इसके बाद विशेषज्ञ टीम एडवांस डिजिटल फोरेंसिक तकनीकों की मदद से मोबाइल में मौजूद और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का प्रयास कर रही है। जांच एजेंसी इस संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले में किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचना चाहती। यही वजह है कि हर डिजिटल साक्ष्य की बारीकी से जांच की जा रही है।

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जानकारी के मुताबिक लैपटॉप की जांच में अब तक मुख्य रूप से कुछ निजी जानकारियां, फोटोग्राफ और मृतका की पूर्व कंपनी से जुड़े कार्य संबंधी दस्तावेज सामने आए हैं। हालांकि एजेंसी को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा से कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हो सकते हैं। इसी कारण विशेषज्ञ लगातार डेटा एनालिसिस में जुटे हुए हैं और हर तकनीकी पहलू की दोबारा पुष्टि की जा रही है।

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फोरेंसिक सॉफ्टवेयर से रिकवर किया जा रहा डेटा
सीबीआई फिलहाल मोबाइल के कॉल लॉग्स, सोशल मीडिया गतिविधियों और विशेष रूप से वॉट्सऐप चैट रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि मोबाइल में बड़ी संख्या में संदेश और चैट मौजूद थे, जिनमें से कई डिलीट किए जा चुके हैं।

इन डेटा को रिकवर करने के लिए एजेंसी फोरेंसिक इमेजिंग और क्लोनिंग तकनीक का उपयोग कर रही है। इसके बाद राइट ब्लॉकर टूल की मदद से डेटा को सुरक्षित रखते हुए एनकेस और सेलेब्राइट जैसे एडवांस फोरेंसिक सॉफ्टवेयर के जरिए डिलीट मैसेज, फोटो और चैट को पुनः प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही वॉट्सऐप बैकअप फाइल्स को डिक्रिप्ट कर उनके कंटेंट की भी जांच की जा रही है।

सीबीआई अब टाइमलाइन एनालिसिस के जरिए घटना से पहले के हर डिजिटल मूवमेंट और संपर्क को जोड़ने में लगी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले मृतका किन लोगों के संपर्क में थी, किससे बातचीत हुई और किन परिस्थितियों में घटनाक्रम आगे बढ़ा।

गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कई एंगल सामने आ चुके हैं। जांच एजेंसी के अनुसार डिजिटल फोरेंसिक जांच से मिलने वाले इनपुट इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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