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महिला आरक्षण पर छिड़ा रण : भाजपा बोली- टंचमाल-आइटम जैसे शब्द बोलते हैं ये, कांग्रेस बोली- हम सिया राम वाले लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Mon, 27 Apr 2026 09:43 PM IST
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सार

मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली। भाजपा ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकार रोकने और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगाए, जबकि कांग्रेस ने 33 फीसदी आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग करते हुए सरकार पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।
 

Women's power rained in Vibha: BJP said – committed the sin of stopping women's rights, Congress said – implem
मध्य प्रदेश विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ को लेकर सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा विधायकों ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को तत्काल आरक्षण मिलना चाहिए, न कि परिसीमन के नाम पर इसे टाला जाए। उन्होंने कहा कि 2023 का आरक्षण तुरंत लागू किया जाए।
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कांग्रेस ने महिलाओं के सपनों को ठेस पहुंचाई
मंत्री कृष्णा गौर ने विधानसभा में नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैला रही है। कृष्णा गौर ने कहा कि कांग्रेस का दावा था कि इससे दक्षिण भारत की सीटें कम होंगी, जबकि सभी राज्यों में सीटें समान अनुपात में बढ़ाने की बात है। उन्होंने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि भाजपा ने हमेशा ओबीसी समाज को सम्मान दिया है। साथ ही धर्म के आधार पर आरक्षण की बात उठाने पर कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के सपनों को ठेस पहुंचाई है।

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पंचायत से सदन तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ा रही सरकार
मंत्री संपतिया उइके ने सदन में कहा कि अब बेटियां नहीं रुकेंगी, बल्कि नया इतिहास रचेंगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश की बहनें और माताएं उम्मीद भरी नजरों से संसद की ओर देख रही थीं और केंद्र व राज्य सरकार ने महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को नेतृत्व का अवसर दिया गया है। पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। संपतिया उइके ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, स्टार्टअप इंडिया, स्वयं सहायता समूहों, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और इंद्रधनुष जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के जरिए महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

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महिलाओं के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत
पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी सोच महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों और अवसरों में बाधा डालने वाली रही है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा में महिला सदस्य अपनी बात रख रही थीं, तब भी विपक्ष उन्हें बोलने नहीं दे रहा था। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है। जब देश के अंतरिक्ष और विज्ञान क्षेत्र में महिलाएं 25 प्रतिशत तक भागीदारी निभा रही हैं, तो संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। अर्चना चिटनीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि तंदूर में महिलाओं को जलाने का इतिहास किसका है। टंच माल शब्द किसका है, आइटम शब्द किसने बोला।

विपक्ष की मानसिकता तालिबानी
भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा निजी स्वार्थ की राजनीति की है और महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने विपक्ष से आत्ममंथन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिहादी मानसिकता, तालिबानी मानसिकता का है। निजी स्वार्थों के लिए कई संशोधन किए। आपने सिर्फ अपना हित देखा। अपने गिरेबान में झाकें, प्रायश्चित कीजिए, अभी भी समय है।

विपक्ष ने बिल का तमाशा बना दिया
मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण को मंजूरी मिल चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। 2023 में लोकसभा राज्यसभा में 33 फीसदी आरक्षण पास हुआ था। विपक्ष ने इस बिल को तमाशा बना दिया है। 2026 में इस बिल को परिसीमन की तरफ आगे बढ़ना था तब विपक्ष ने समर्थन नहीं दिया।

सभी दलों को महिला आरक्षण का सम्मान करना चाहिए
भाजपा विधायक रीति पाठक ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है और सभी दलों को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है, जिसमें महिलाओं की बड़ी भूमिका होगी।

महिलाओं को बढ़ावा देने के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट नहीं
मंत्री निर्मला भूरिया ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की दिशा में बड़ा फैसला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विमेन-लेड डेवलपमेंट’ विजन को प्रदेश सरकार जमीन पर उतार रही है। भूरिया ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार 19 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट नहीं है। 

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भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए भ्रमित कर रही
कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही पारित हो चुका है, ऐसे में सरकार राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा अब भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। उन्होंने सदन में कहा कि देश में बड़ी संख्या में लड़कियां मासिक धर्म के दौरान स्कूल छोड़ने को मजबूर होती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में सेनेटरी पैड और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बुनियादी सुविधाएं नहीं होंगी तो बेटियां आगे कैसे बढ़ेंगी और इसे महिला सशक्तिकरण कैसे कहा जा सकता है। अनुभा मुंजारे ने भाजपा से पूछा कि जिन राज्यों में उसकी सरकार है, वहां महिलाओं को कितना प्रतिनिधित्व दिया गया है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि एक महिला विधायक होने के बावजूद उन्हें पिछले छह महीने से पीए की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में भी नारी सम्मान को सर्वोच्च बताया गया है। यदि वास्तव में महिलाओं का सशक्तिकरण करना है तो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर गंभीरता से काम करना होगा।

33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करें
कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित हो चुका है, इसलिए अब 33 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और भाजपा को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपने काम का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं को कितना प्रतिनिधित्व दिया गया है। महेश पटेल ने मांग की कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं जागरूक हैं और केवल राजनीतिक नारों से प्रभावित नहीं होंगी।

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भाजपा बताए उमा भारती को सीएम पद से क्यों हटाया
कांग्रेस विधायक चंदा सुरेंद्र गौर ने कहा कि भाजपा वास्तव में महिलाओं की इतनी हितैषी है, तो उसे यह बताना चाहिए कि उमा भारती को मुख्यमंत्री पद से क्यों हटाया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में महिलाओं को पर्याप्त अवसर नहीं देती। चंदा सुरे ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी भाजपा महिलाओं को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और इसे परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं के नाम पर टालना महिलाओं के साथ अन्याय है।

भाजपा-भ्रम जाल पार्टी बन गई है- मरकाम
कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने सदन में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिला सशक्तिकरण के पक्ष में है, तो उसे महिलाओं को तत्काल आरक्षण देने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि सरकार महिला हित की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूरों और रसोइयों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू करने के समर्थन में है और भाजपा को भी अपनी पार्टी स्तर पर इस दिशा में स्पष्ट पहल करनी चाहिए।

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हम सियाराम वाले लोग हैं, राधा को कृष्ण से अलग करने वाले नहीं
कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने सदन में कहा कि हम सियाराम वाले लोग हैं। राधा को कृष्ण से अलग करने वाले लोग नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में है और जरूरत पड़ी तो 50 प्रतिशत आरक्षण का भी समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि संविधान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए बना है और महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है और परिसीमन व जनगणना के नाम पर महिला आरक्षण को टालने की कोशिश की जा रही है। लखन घनघोरिया ने कहा कि महिलाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और सरकार को आरक्षण लागू करने की स्पष्ट समय सीमा बतानी चाहिए।

बंगाल की राजनीति को लेकर भी हुई तकरार
भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भगवान राम ने नारी सम्मान की रक्षा के लिए रावण का वध किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े लोगों को राजनीतिक जवाब देंगे। इस पर कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से देख रही है और पश्चिम बंगाल की राजनीति का हवाला देते हुए अपनी मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। 

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महिलाओं को कानूनी अधिकार देने की बात
वरिष्ठ भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि लंबे समय तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को मजबूत कानूनी अधिकार देने के लिए कानून लाई है। उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान सोच को बदलने की जरूरत है और महिलाएं अब नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने श्रमिक महिलाओं के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए काम कर रही है।

राज्य महिला आयोग का पद कई साल से खाली
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने नारी शक्ति वंदन पर चर्चा के दौरान कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है। उन्होंने कहा कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कांग्रेस ने दी और पंचायती राज में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण भी कांग्रेस सरकार ने लागू किया था। कटारे ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का पद खाली होने और महिलाओं की करीब 30 हजार लंबित शिकायतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन का एजेंडा चला रही है और मौजूदा व्यवस्था में ही इसे लागू किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी की। 

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किसी भी वर्ग से भेदभाव ना करें
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सदन में कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी समुदायों की महिलाओं का योगदान याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने हाथरस, जंतर-मंतर और महिला खिलाड़ियों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे उठाए। आरिफ मसूद ने कहा कि समाज में विभाजनकारी शब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला नेतृत्व को लेकर पार्टी को पहले अपने भीतर भी आत्ममंथन करना चाहिए।
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