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Dhar News: भोजशाला में 2034 तक मंदिर निर्माण और लंदन से मां सरस्वती की मूर्ति वापस लाने का संकल्प

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Fri, 23 Jan 2026 02:13 PM IST
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सार

राजा भोज बसंतोत्सव समिति की धर्मसभा में वक्ताओं ने 2034 तक भोजशाला मुकदमा जीतने और मां सरस्वती मंदिर निर्माण का संकल्प जताया। विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार और स्वामी अवधेशानंद गिरि ने भोजशाला को हिंदू विरासत बताते हुए मंदिर निर्माण, प्रतिमा वापसी और सामूहिक संघर्ष का आह्वान किया।

Dhar News: Resolution passed at Bhojshala religious assembly to build a temple by 2034.
कार्यक्रम में बोलते वक्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वसंत पंचमी के मौके पर राजा भोज वसंतोत्सव समिति ने शुक्रवार को यहां एक धर्मसभा का आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2034 में भोजशाला के निर्माण को एक हजार साल पूरे हो रहे हैं। इस बीच भोजशाला का मुकदमा हमें जीतना है और यहां मां सरस्वती के भव्य मंदिर का निर्माण करना है। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि लंदन के एक म्यूजियम में मां सरस्वती की मूर्ति है। उसे देश में वापस लाना है। भोजशाला मामले में जो याचिका लगी है उसका मुकदमा जीतना है। 

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मथुरा, काशी और धार में बने भव्य मंदिर : आलोक कुमार
आलोक कुमार ने कहा कि भोजशाला में 992 साल पहले मंदिर बना था। 2034 में जब इसके एक हजार साल जब पूरे होंगे तब इसका निर्माण भी राम मंदिर की तर्ज पर होना चाहिए। यहां मां सरस्वती की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि मथुरा काशी और धार में भव्य मंदिर बने। देश के केंद्र में स्थित धार को ज्ञान का केंद्र बनाना है। सभी ये संकल्प लें। 
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मौलाना कमाल की मौत अहमदाबाद में हुई
विहिप प्रमुख ने कहा कि मुगलकाल में इस मंदिर को तोड़ा गया। हिंदुओं को अपमानित किया गया। देश की तीन हजार कब्रों में कुछ नहीं है। वे खाली हैं। धार में भी ऐसा ही है। मौलाना कमाल की मौत अहमदाबाद में हुई। उनकी मौत के 200 साल बाद भोजशाला में उनकी कब्र होने की बात कही गई। इस भोजशाला की लड़ाई हिंदू समाज की है। इसे सभी को मिलकर लड़ना है। आलोक कुमार ने कहा कि जो भी इस देश में रहते हैं, उन्हें देश का सम्मान करना चाहिए। कुछ लोगों को वंदे मातरम बोलने में हिचकिचाहट होती है। देश के लिए कई क्रांतिकारियों ने वंदे मातरम बोलकर फांसी के फंदे को चूमा। हिंदू धर्म सभी धर्मों का सम्मान करता है। शांति में विश्वास रखता है। यह हमारी ताकत है, कमजोरी नहीं।

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जिन्हें भोजशाला से ज्यादा प्रेम वो हिंदू धर्म अपना लें : अवधेशानंद गिरि
स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि भोजशाला की पावन भूमि हिंदुओं की भूमि है। यहां का मंदिर और परिसर भी हमारा है। यहां पर कोई कब्जा नहीं कर सकता। राजा भोज ने यहां भोजशाला का निर्माण कराया था, ये कभी भी मुगलों की भूमि नहीं हो सकती। जिसे भोजशाला से ज्यादा प्रेम है तो वे हिंदू धर्म अपना लें और हर मंगलवार पूजा करने आ जाएं। देश के मुस्लिम कोई अरब से नहीं आए हैं, उनके पूर्वजों का धर्मांतरण किया गया है। वे भी हमारे भाई हैं। उन्होंने कहा कि 2014 को देश सही मायने में आजाद हुआ है। उसने पहले हिंदुओं को दबाया जाता रहा है। जो सनातन की बात करेगा, वही अब देश पर राज करेगा। हमने जो हिंदू राष्ट्र का सपना देखा है वो पूरा होने जा रहा है।

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