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MP News: गुना में बड़ी कार्रवाई, भ्रष्टाचार और लापरवाही पर दो आउटसोर्स कर्मचारी बर्खास्त

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना Published by: गुना ब्यूरो Updated Sat, 04 Apr 2026 02:40 PM IST
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सार

गुना जिले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के दो आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया। एक कर्मचारी पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप साबित हुआ, जबकि दूसरे को लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित रहने और आदेशों की अवहेलना करने पर हटाया गया।

Action taken against employee for taking Rs 200 for e-KYC, two employees dismissed
सखोरी और लापरवाही पर दो कर्मचारी बाहर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

गुना जिले में प्रशासन ने शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के दो आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों को साफ संदेश दिया गया है कि अनियमितता और भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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ई-केवाईसी के नाम पर वसूली का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बमोरी ब्लॉक में पदस्थ ब्लॉक समन्वयक राजेन्द्र राय पर गंभीर आरोप लगे थे। उन पर नव-नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ई-केवाईसी के नाम पर 200-200 रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप था। इस मामले में कई कार्यकर्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के निर्देश दिए।
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जांच में आरोप सही पाए गए

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी अब्दुल गफ्फार ने एक जांच समिति गठित की। समिति ने सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की, संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए और दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर समिति ने अपनी रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपी। इसके आधार पर राजेन्द्र राय को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया।

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अनुशासनहीनता पर दूसरी कार्रवाई

वहीं, चांचौड़ा परियोजना में कार्यरत ब्लॉक समन्वयक रामजीवन मीना पर भी अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप सामने आए। बताया गया कि वह लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। विभाग ने उन्हें कई बार नोटिस जारी कर काम पर लौटने के निर्देश दिए, लेकिन उन्होंने न तो संतोषजनक जवाब दिया और न ही अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

बार-बार अनुपस्थिति पर सेवा समाप्त

लगातार अनुपस्थित रहने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और कार्य में लापरवाही बरतने के चलते प्रशासन ने उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया। दोनों मामलों में संबंधित आउटसोर्स एजेंसी टी एंड एम स्विसेज कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड ने कर्मचारियों के कदाचार और अनुशासनहीनता को आधार बनाते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में भी यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ इस तरह की शिकायतें मिलती हैं, तो उस पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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