MP: पुलिस कार्रवाई के विरोध में पारदी समाज की महिलाओं का हंगामा, नवजात को हवा में उछाला; जानें फिर क्या हुआ?
गुना में पारदी समाज की महिलाओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में चक्काजाम किया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने नवजात को हवा में उछाल दिया, लेकिन पुलिस ने बच्चे को बचा लिया। करीब एक घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई।
विस्तार
गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र में रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पारदी समाज की महिलाओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन ने न केवल यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया, बल्कि स्थिति तब बेहद खतरनाक हो गई जब एक महिला ने अपने ही नवजात शिशु को हवा में उछालकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता से बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, कैंट थाना पुलिस ने हाल ही में गादेर घाटी क्षेत्र में हुई लूट की वारदात के मामले में कार्रवाई करते हुए पटेल नगर निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद की थी। इसी कार्रवाई के विरोध में रविवार शाम पारदी समाज की महिलाएं बड़ी संख्या में कैंट थाने पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को झूठे मामले में फंसाकर गिरफ्तार किया है।
विरोध स्वरूप महिलाओं ने गुना-अशोकनगर रोड पर थाने के सामने बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए। आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और यात्री वाहन घंटों तक जाम में अटके रहे।
पढ़ें; मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में ओले-बारिश का खतरा, 5 दिन तक चलेगा दौर
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शन कर रही कुछ महिलाएं उग्र हो गईं। एक महिला ने पुलिस पर दबाव बनाने के उद्देश्य से अपने नवजात शिशु को हवा में उछाल दिया और जमीन पर पटकने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे गिरने से बचा लिया।
इसके बाद महिला पुलिस बल की मदद से प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी गई। पुलिस ने संयम बनाए रखते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और आवश्यक सख्ती के साथ चक्काजाम समाप्त करवाया। करीब एक घंटे बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल एक महिला बबल पारदी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पति, भाई, भांजे समेत अन्य परिजनों को झूठे केस में फंसाया है। उनका कहना था कि पुलिस सुबह से उन्हें थाने में बैठाए हुए थी और छोड़ने का आश्वासन दे रही थी, लेकिन बाद में जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उनका एक भाई हाल ही में दिल्ली की जेल से छूटा था, जिसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

कमेंट
कमेंट X