MP High Court: धान खरीदी फर्जीवाड़े पर हाईकोर्ट सख्त, सभी जिलों के कलेक्टरों को जांच के निर्देश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धान खरीदी में कथित करोड़ों के फर्जीवाड़े की जांच के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कार्रवाई रिपोर्ट, सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन का शपथपत्र और ईओडब्ल्यू से जांच प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में धान खरीदी में कथित फर्जीवाड़े की जांच करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने शुक्रवार को उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता एवं नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष पीजी नजपांडे की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए।
याचिकाकर्ता के वकील दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि जबलपुर कलेक्टर ने करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि इस फर्जीवाड़े के तार प्रदेश के अन्य जिलों से भी जुड़े हैं, लेकिन वहां पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
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वकील ने बताया कि मंडला, बालाघाट, सिवनी और डिंडौरी में मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 27 जिलों के कलेक्टरों को मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन को जबलपुर कलेक्टर की कार्रवाई के बाद राज्य स्तर पर उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को भी जांच की प्रगति की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
