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Indore News: 1.5 करोड़ का 25 हजार लीटर घी जब्त, बड़े ब्रांड्स के नाम भी शामिल
Fri, 07 Aug 2026 05:44 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:44 PM IST
सार
Indore News: राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग और एफएसएसएआई की संयुक्त टीम ने इंदौर के एबी रोड स्थित गोदाम पर कार्रवाई करते हुए जब्त घी की बिक्री पर रोक लगा दी है।
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INDORE NEWS
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में देश के शीर्ष ब्रांड के घी के एबी रोड स्थित गोदाम पर राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के अंतर्गत करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के 25,000 लीटर घी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जांच दल द्वारा गोदाम से विभिन्न पैकिंग के 20 सैंपल लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के उपरांत नियमानुसार आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घी की कुल मात्रा तथा उसके अनुमानित मूल्य के दृष्टिकोण से इसे इंदौर सहित समूचे राज्य में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
भोपाल में सैंपल अवमानक मिलने के बाद इंदौर में निरीक्षण
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत राज्य सरकार के निर्देशों पर पूरे मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों विशेषकर दूध एवं डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता जांच का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान की श्रृंखला में पूर्व में भोपाल स्थित विक्रय केंद्र से घी का नमूना लिया गया था जो प्रयोगशाला जांच में अवमानक (सब-स्टैंडर्ड) पाया गया। भोपाल में अन्य कई कंपनियों के नमूने भी जांच में विफल रहे थे, जिसके उपरांत राज्य स्तर पर ऐसे सभी ब्रांड्स की सघन जांच के निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने एबी रोड पर स्थित गोल्डन पैलेस कॉलोनी में विक्टर हाउस-1 में पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के परिसर पर दबिश दी। निरीक्षण के दौरान वहां पुणे (महाराष्ट्र) की कंपनी द्वारा निर्मित घी का विशाल भंडारण तथा विक्रय होना पाया गया।
केंद्रीय लाइसेंस के चलते एफएसएसएआई को किया गया शामिल
जांच के प्रारंभिक चरण में जब राज्य स्तरीय टीम ने परिसर का निरीक्षण शुरू किया तो संस्थान के पास केंद्रीय लाइसेंस होना पाया गया। प्रक्रियात्मक व्यवस्था के तहत राज्य की टीम ने तत्काल प्रभाव से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की केंद्रीय टीम को सूचित कर मौके पर आमंत्रित किया। इसके पश्चात दोनों संस्थाओं के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उत्पाद के 20 अलग-अलग नमूने सील किए और उन्हें जांच के लिए लैब भेजा। जब तक प्रयोगशाला से आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती तथा आगामी निर्देश जारी नहीं होते, तब तक इस 25000 लीटर घी के भंडारण एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
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आगामी दिनों में अन्य प्रमुख ब्रांड्स पर भी कस सकता है शिकंजा
राज्य में हाल ही में हुए खाद्य नमूनों के परीक्षण में कई कंपनियों के उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसके पश्चात खाद्य सुरक्षा विभाग ने 20 से अधिक पंजीकृत ब्रांड्स की एक विस्तृत सूची तैयार की है तथा संपूर्ण प्रदेश में सघन जांच एवं संदिग्ध बैचों की बिक्री रोकने के आदेश जारी किए हैं। इस प्रशासनिक पहल से आने वाले दिनों में कई अन्य प्रतिष्ठित एवं प्रचारित ब्रांड्स के परिसरों पर भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे शुद्धता का दावा करने वाली कई कंपनियों के वादों की वास्तविकता सामने आ सकती है।
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भोपाल में सैंपल अवमानक मिलने के बाद इंदौर में निरीक्षण
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत राज्य सरकार के निर्देशों पर पूरे मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों विशेषकर दूध एवं डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता जांच का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान की श्रृंखला में पूर्व में भोपाल स्थित विक्रय केंद्र से घी का नमूना लिया गया था जो प्रयोगशाला जांच में अवमानक (सब-स्टैंडर्ड) पाया गया। भोपाल में अन्य कई कंपनियों के नमूने भी जांच में विफल रहे थे, जिसके उपरांत राज्य स्तर पर ऐसे सभी ब्रांड्स की सघन जांच के निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने एबी रोड पर स्थित गोल्डन पैलेस कॉलोनी में विक्टर हाउस-1 में पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के परिसर पर दबिश दी। निरीक्षण के दौरान वहां पुणे (महाराष्ट्र) की कंपनी द्वारा निर्मित घी का विशाल भंडारण तथा विक्रय होना पाया गया।
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केंद्रीय लाइसेंस के चलते एफएसएसएआई को किया गया शामिल
जांच के प्रारंभिक चरण में जब राज्य स्तरीय टीम ने परिसर का निरीक्षण शुरू किया तो संस्थान के पास केंद्रीय लाइसेंस होना पाया गया। प्रक्रियात्मक व्यवस्था के तहत राज्य की टीम ने तत्काल प्रभाव से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की केंद्रीय टीम को सूचित कर मौके पर आमंत्रित किया। इसके पश्चात दोनों संस्थाओं के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उत्पाद के 20 अलग-अलग नमूने सील किए और उन्हें जांच के लिए लैब भेजा। जब तक प्रयोगशाला से आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती तथा आगामी निर्देश जारी नहीं होते, तब तक इस 25000 लीटर घी के भंडारण एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
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आगामी दिनों में अन्य प्रमुख ब्रांड्स पर भी कस सकता है शिकंजा
राज्य में हाल ही में हुए खाद्य नमूनों के परीक्षण में कई कंपनियों के उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसके पश्चात खाद्य सुरक्षा विभाग ने 20 से अधिक पंजीकृत ब्रांड्स की एक विस्तृत सूची तैयार की है तथा संपूर्ण प्रदेश में सघन जांच एवं संदिग्ध बैचों की बिक्री रोकने के आदेश जारी किए हैं। इस प्रशासनिक पहल से आने वाले दिनों में कई अन्य प्रतिष्ठित एवं प्रचारित ब्रांड्स के परिसरों पर भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे शुद्धता का दावा करने वाली कई कंपनियों के वादों की वास्तविकता सामने आ सकती है।
