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Indore News: राज्यपाल को परोसी ठंडी चाय, भोजन में मिले कीड़े, अपर कलेक्टर बोले यह भ्रामक जानकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 19 Feb 2026 09:35 PM IST
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सार
Indore News: इंदौर की रेसीडेंसी कोठी की रसोई में गंदगी, कीड़े मिलने और गंदी बेडशीट जैसी शिकायतों के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने खाना खाने से मना कर दिया। इस घटना ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर प्रवास पर आए मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल को रेसीडेंसी कोठी में रुकने के दौरान गंभीर अव्यवस्थाओं और गंदगी का सामना करना पड़ा। कोठी में बिछाई गई गंदी बेडशीट, रसोई घर में व्याप्त गंदगी और परोसी गई ठंडी चाय को लेकर राज्यपाल ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। स्थिति इतनी खराब थी कि उन्होंने कोठी में भोजन करने से स्पष्ट इनकार कर दिया और एयरपोर्ट पर ही भोजन करने की बात कही। ज्ञात हो कि राज्यपाल मंगलवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचे थे। इस प्रोटोकॉल उल्लंघन और लापरवाही ने प्रशासनिक हलके में हड़कंप मचा दिया है।
रसोई घर के निरीक्षण में सामने आई चौकाने वाली गंदगी
मंगलवार सुबह राज्यपाल के आगमन से पूर्व एडीसी नरेंद्र रावत और अधिकारी विपुल शाह ने जब रेसीडेंसी कोठी की रसोई का औचक निरीक्षण किया, तो वहां के हालात देखकर वे दंग रह गए। किचन के भीतर कॉकरोच और कीड़े रेंगते हुए पाए गए। खाना बनाने के बर्तन पूरी तरह गंदे थे और वहां सड़े हुए आलू तथा सब्जियों के छिलके बिखरे पड़े थे। पैंट्री और फ्रिज की गहन जांच में भी भारी अनियमितताएं और गंदगी उजागर हुई। जब इन तमाम परिस्थितियों की जानकारी राज्यपाल को दी गई, तो उन्होंने स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए वहां भोजन न करने का कड़ा फैसला लिया।
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सुरक्षा स्टाफ को दी गई दागदार बेडशीट
लापरवाही का आलम केवल रसोई तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात उच्च अधिकारियों को जो बेडशीट दी गई थी, उस पर भी दाग और धब्बे मौजूद थे। जब सुरक्षा स्टाफ ने साफ बेडशीट की मांग की, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इस पर सुरक्षा अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए किचन इंचार्ज राकेश प्रताप सिंह और अमित शर्मा को जमकर फटकार लगाई। अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए आनन-फानन में आवश्यक बर्तनों और सामग्रियों की सूची तैयार की गई और दोपहर तक नए कुकर व क्रॉकरी सेट की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई। वर्तमान में हाउसकीपिंग का जिम्मा रतन एंपोरियम सिक्योरिटी कंपनी संभाल रही है।
वेतन भुगतान को लेकर कर्मचारियों के गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच हाउसकीपिंग से जुड़े कर्मचारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें जुलाई 2023 से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय के इंतजार के बाद हाल ही में केवल चार लाख रुपए की राशि जारी की गई है। इस सेवा प्रदाता कंपनी के संचालक अमनवीर अरोरा बताए जा रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार वेतन न मिलने की वजह से सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिसका खामियाजा अब वीआईपी मेहमानों को भुगतना पड़ रहा है।
अपर कलेक्टर बोले भोजन में कीड़े मिलने की बात गलत
मामले के तूल पकड़ने पर किचन इंचार्ज राकेश प्रताप ने स्वीकार किया कि बेडशीट पर दाग होने के कारण राज्यपाल महोदय नाराज हुए थे। हालांकि, अपर कलेक्टर रोशन राय ने भोजन में कीड़े मिलने की खबरों का खंडन किया है। उनका कहना है कि भोजन में कीड़े मिलने की बात तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। यह भ्रामक जानकारी है और इस तरह से कुछ नहीं हुआ था। अपर कलेक्टर के अनुसार यह पूरा मामला मुख्य रूप से खराब व्यवहार और प्रबंधन की कमी से जुड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि लापरवाही बरतने वाली संबंधित एजेंसी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर बोले कंपनी की सेवाएं समाप्त की
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राज्यपाल के ओ.एस.डी. द्वारा बेडशीट बदलने का अनुरोध किए जाने के बावजूद संबंधित सेवा प्रदाता रतन एम्पोरियम के कर्मचारी द्वारा यह कार्य नहीं किया गया। सुबह ओ.एस.डी. एवं ए.डी.सी. द्वारा किचन निरीक्षण में डस्टबीन बंद अवस्था में नहीं पाई गई तथा स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। सोशल मीडिया पर खाद्य सामग्री में काकरोच पाए जाने संबंधी प्रचार पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक है। राज्यपाल के स्टाफ द्वारा सिर्फ सफाई को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया था। उक्त लापरवाही संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा एवं एडीएम द्वारा प्रबंधक रतन एम्पोरियम, रेसीडेंसी कोठी इंदौर को इस गंभीर कर्तव्यहीनता के लिए तत्काल सेवा समाप्त करने हेतु मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग इंदौर को निर्देश दिए गये। जिस पर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रबंधक रतन एम्पोरियम को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया। साथ ही सर्विस उत्तम स्थिति में नहीं होने से संबंधित फर्म की लंबित भुगतान राशि में से 20 से 30 प्रतिशत राशि की कटौती की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों को उक्त लापरवाही को लेकर डिप्टी कलेक्टर सीमा कनेश मोर्य, तहसीलदार राजेश सोनी, श्रम निरीक्षक संजय पाटील, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थाना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। समस्त अधिकारियों के लिए प्रोटोकाल ड्यूटी एस.ओ.पी. जारी की गई है, जिसके चलते भविष्य में अतिथिगणों से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों एवं प्रोटोकाल के अनुसार अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। किचन एवं आवासीय परिसरों में स्वच्छता, सामग्री की गुणवत्ता तथा व्यवस्था की सतत निगरानी की जाए।
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मंगलवार सुबह राज्यपाल के आगमन से पूर्व एडीसी नरेंद्र रावत और अधिकारी विपुल शाह ने जब रेसीडेंसी कोठी की रसोई का औचक निरीक्षण किया, तो वहां के हालात देखकर वे दंग रह गए। किचन के भीतर कॉकरोच और कीड़े रेंगते हुए पाए गए। खाना बनाने के बर्तन पूरी तरह गंदे थे और वहां सड़े हुए आलू तथा सब्जियों के छिलके बिखरे पड़े थे। पैंट्री और फ्रिज की गहन जांच में भी भारी अनियमितताएं और गंदगी उजागर हुई। जब इन तमाम परिस्थितियों की जानकारी राज्यपाल को दी गई, तो उन्होंने स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए वहां भोजन न करने का कड़ा फैसला लिया।
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सुरक्षा स्टाफ को दी गई दागदार बेडशीट
लापरवाही का आलम केवल रसोई तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात उच्च अधिकारियों को जो बेडशीट दी गई थी, उस पर भी दाग और धब्बे मौजूद थे। जब सुरक्षा स्टाफ ने साफ बेडशीट की मांग की, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इस पर सुरक्षा अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए किचन इंचार्ज राकेश प्रताप सिंह और अमित शर्मा को जमकर फटकार लगाई। अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए आनन-फानन में आवश्यक बर्तनों और सामग्रियों की सूची तैयार की गई और दोपहर तक नए कुकर व क्रॉकरी सेट की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई। वर्तमान में हाउसकीपिंग का जिम्मा रतन एंपोरियम सिक्योरिटी कंपनी संभाल रही है।
वेतन भुगतान को लेकर कर्मचारियों के गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच हाउसकीपिंग से जुड़े कर्मचारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें जुलाई 2023 से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय के इंतजार के बाद हाल ही में केवल चार लाख रुपए की राशि जारी की गई है। इस सेवा प्रदाता कंपनी के संचालक अमनवीर अरोरा बताए जा रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार वेतन न मिलने की वजह से सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिसका खामियाजा अब वीआईपी मेहमानों को भुगतना पड़ रहा है।
अपर कलेक्टर बोले भोजन में कीड़े मिलने की बात गलत
मामले के तूल पकड़ने पर किचन इंचार्ज राकेश प्रताप ने स्वीकार किया कि बेडशीट पर दाग होने के कारण राज्यपाल महोदय नाराज हुए थे। हालांकि, अपर कलेक्टर रोशन राय ने भोजन में कीड़े मिलने की खबरों का खंडन किया है। उनका कहना है कि भोजन में कीड़े मिलने की बात तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। यह भ्रामक जानकारी है और इस तरह से कुछ नहीं हुआ था। अपर कलेक्टर के अनुसार यह पूरा मामला मुख्य रूप से खराब व्यवहार और प्रबंधन की कमी से जुड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि लापरवाही बरतने वाली संबंधित एजेंसी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर बोले कंपनी की सेवाएं समाप्त की
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राज्यपाल के ओ.एस.डी. द्वारा बेडशीट बदलने का अनुरोध किए जाने के बावजूद संबंधित सेवा प्रदाता रतन एम्पोरियम के कर्मचारी द्वारा यह कार्य नहीं किया गया। सुबह ओ.एस.डी. एवं ए.डी.सी. द्वारा किचन निरीक्षण में डस्टबीन बंद अवस्था में नहीं पाई गई तथा स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। सोशल मीडिया पर खाद्य सामग्री में काकरोच पाए जाने संबंधी प्रचार पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक है। राज्यपाल के स्टाफ द्वारा सिर्फ सफाई को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया था। उक्त लापरवाही संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा एवं एडीएम द्वारा प्रबंधक रतन एम्पोरियम, रेसीडेंसी कोठी इंदौर को इस गंभीर कर्तव्यहीनता के लिए तत्काल सेवा समाप्त करने हेतु मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग इंदौर को निर्देश दिए गये। जिस पर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रबंधक रतन एम्पोरियम को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया। साथ ही सर्विस उत्तम स्थिति में नहीं होने से संबंधित फर्म की लंबित भुगतान राशि में से 20 से 30 प्रतिशत राशि की कटौती की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों को उक्त लापरवाही को लेकर डिप्टी कलेक्टर सीमा कनेश मोर्य, तहसीलदार राजेश सोनी, श्रम निरीक्षक संजय पाटील, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थाना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। समस्त अधिकारियों के लिए प्रोटोकाल ड्यूटी एस.ओ.पी. जारी की गई है, जिसके चलते भविष्य में अतिथिगणों से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों एवं प्रोटोकाल के अनुसार अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। किचन एवं आवासीय परिसरों में स्वच्छता, सामग्री की गुणवत्ता तथा व्यवस्था की सतत निगरानी की जाए।

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