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Indore News: इंदौर में बना फिर बना ग्रीन काॅरिडोर, तीन लोगों को मिली नई जिंदगी

Sat, 08 Aug 2026 07:40 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Sat, 08 Aug 2026 07:40 PM IST
सार

इंदौर में 12 दिन के अंतराल में 69वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। शुजालपुर के मंडी सचिव कैलाश नारायण पाठक के अंगदान से तीन लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी, हालांकि तकनीकी कारणों से उनकी सिर्फ दोनों किडनी और आंखें ही प्रत्यारोपण के लिए मिल सकीं।

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Indore News: Green corridor created again in Indore; three people get a new lease of life.
इंदौर में 12 दिन के अंतराल में 69वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। - फोटो : amarujala

विस्तार

अंगदान में देश में सबसे आगे रहने वाले इंदौर में 12 दिन के अंतराल में दूसरा और अब तक का 69वां ग्रीन कॉरिडोर इंदौर में बना और तीन लोगों को नई जिंदगी मिल गई। तकनीकी कारणों से किडनी और आंखें ही दूसरे मरीजों को प्रत्यारोपित हो पाईं।

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इंदौर से 70 किलोमीटर दूर शुजालपुर के निवासी कैलाश नारायण पाठक मंडी सचिव थे। बीमारी के कारण उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की। इस बीच मुस्कान ग्रुप के सेवादारों ने परिजनों से मुलाकात की। परिजन कैलाश का अंगदान करने के लिए तैयार हो गए और फिर डॉक्टरों ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी।

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जब परिवार से अंगदान के लिए निवेदन किया गया, तब उनकी पत्नी ने कहा कि वे अपने जीवनसाथी के अंगदान के स्वीकृति-पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले स्वयं अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेंगी। उन्होंने पहले अपना संकल्प-पत्र भरा और उसके बाद ही अपने जीवनसाथी के अंगदान की सहमति पर हस्ताक्षर किए।

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धर्मपत्नी के इस साहस और समर्पण को देखकर उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो गईं। इसके बाद शैल्बी अस्पताल से दो ग्रीन कॉरिडोर बने। एक किडनी चोइथराम अस्पताल और दूसरी किडनी एमिनेंट अस्पताल के मरीज को प्रत्यारोपित की गई। इसके अलावा नेत्रदान शंकरा अस्पताल के माध्यम से संपन्न हुआ। पाठक परिवार द्वारा सभी अंगों के दान की सहमति दी गई थी, किंतु तकनीकी कारणों से केवल किडनी एवं नेत्रदान ही संभव हो पाए। बाद में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

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