Indore News: वंदे मातरम विवाद में पुलिस ने कर दी एफआईआर, लेकिन कांग्रेस नहीं ले पाई एक्शन, अब जांच समिति गठित
बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम विवाद अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। पुलिस कार्रवाई, भाजपा के हमलों और कांग्रेस की आंतरिक सुस्ती के बीच मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब पार्टी ने जांच समिति बनाकर स्थिति संभालने की कोशिश शुरू की है।
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बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम का बहिष्कार करने के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पुलिस ने दोनों महिला पार्षदों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन कांग्रेस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इस देरी को लेकर भाजपा लगातार मंचों से कांग्रेस को घेर रही है, वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। उधर, अब कांग्रेस ने इस मामले में एक जांच समिति गठित की है, जो विवाद से जुड़े तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
वंदे मातरम विवाद को भाजपा ने प्रदेशस्तरीय मुद्दा बना दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पिछले दिनों अपने ज्यादातर भाषणों में कांग्रेस पर निशाना साध चुके हैं, जबकि कांग्रेस नेता इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं। हाल ही में इंदौर आए उमंग सिंघार ने कहा था कि जब इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो पार्टी को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस नेता केके मिश्रा भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
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गेंद अनुशासन समिति के पाले में
शहर कांग्रेस की ओर से पार्षद रुबीना इकबाल खान के निलंबन का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा गया है। इस संबंध में जीतू पटवारी पहले ही कह चुके हैं कि मामला अनुशासन समिति के पास पहुंच चुका है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
अब तक क्या हुआ वंदे मातरम विवाद में
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वंदे मातरम को लेकर विवाद होने पर इंदौर पुलिस को लिखित शिकायतें मिलीं।
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पुलिस ने जांच शुरू की। पार्षदों के बयान, रिकॉर्डिंग के साक्ष्य और आरोपियों के पक्ष सुनने के बाद केस दर्ज किया गया।
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शहर कांग्रेस कमेटी ने एक पार्षद के निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस को भेजा है।

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