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जबलपुर में घोड़ों की मौत का मामला: हाईकोर्ट ने फार्म हाउस जांच की दी अनुमति, 24 जुलाई को अगली सुनवाई

Fri, 17 Jul 2026 08:23 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Fri, 17 Jul 2026 08:23 AM IST
सार

हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को पशु अधिकारी और थाना प्रभारी के साथ फार्म हाउस का निरीक्षण करने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।

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petitioner, accompanied by the veterinary officer and the Station House Officer, should inspect the farmhouse
जबलपुर हाईकोर्ट

विस्तार

 हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौतों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया ने पशु अधिकारी व थाना प्रभारी के साथ फार्म हाउस जाकर याचिकाकर्ता को जांच करने की अनुमति प्रदान की है। याचिका पर अगली सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित की गई है।

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जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि 29 अप्रैल से 3 मई 2025 के बीच केयरटेकर सचिन तिवारी 57 घोड़ों को हैदराबाद से लाकर पनागर के रैपुरा में रखे थे। घोड़ों को जबलपुर लाकर फार्म हाउस में रखने संबंधी जानकारी जिला प्रशासन व पशु विभाग को नहीं दी गई थी। देखरेख तथा भोजन व उपचार नहीं मिलने के कारण घोड़ों की मौत का सिलसिला जारी है। घोड़ों के मालिक हैदराबाद निवासी सुरेश पाल हैं।

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सुरेश पाल गुडू के पास 150 से अधिक घोड़े थे
अनावेदक सुरेश पाल गुडू 'हॉर्स पावर लीग' के सूत्रधार हैं। हैदराबाद रेस क्लब में दो घोड़ों की रेस कराकर उन्होंने 'ट्रोपंग करेठस्ता' नामक ऐप के माध्यम से फिलीपींस में ऑनलाइन स्ट्रीमिंग करते हुए सट्टा लगवाया। इस संबंध में फिलीपींस सरकार ने केंद्र सरकार से शिकायत की थी। शिकायत के बाद उन्होंने इसे बंद कर दिया था।

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सुरेश पाल गुडू के पास 150 से अधिक घोड़े थे और उन्होंने चार माह पूर्व कर्मचारियों का वेतन देना बंद कर दिया था। भोजन नहीं मिलने के कारण लगभग 90 घोड़ों की मौत हो गई थी। साक्ष्य छिपाने के लिए घोड़ों को जबलपुर लाकर रैपुरा स्थित फार्म हाउस में रखा गया है। देखरेख तथा भोजन व उपचार नहीं मिलने के कारण घोड़ों की मौत का सिलसिला जारी है।

हलफनामे में जानें क्या कहा गया था?
केयरटेकर सचिन तिवारी की ओर से पूर्व में हाईकोर्ट में पेश किए गए हलफनामे में कहा गया था कि हैदराबाद से लाए गए 57 घोड़ों में से 19 की मौत हो गई है। उसने 22 घोड़े बेच दिए हैं और तीन नए घोड़े खरीदे हैं। वर्तमान में उसके पास 19 घोड़े हैं, जिनकी खुराक व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी घोड़े स्वस्थ हैं और उनकी देखरेख में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान केयरटेकर की ओर से सभी घोड़े बेच दिए जाने की जानकारी पेश की गई।



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याचिकाकर्ता की ओर से आपत्ति पेश करते हुए युगलपीठ को बताया गया कि केयरटेकर घोड़ों को कैसे बेच सकता है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश आवेदन स्वीकार करते हुए उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसल्वा तथा अधिवक्ता सोमेश अवस्थी उपस्थित हुए।

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