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Jabalpur News: जनसंख्या के आधार पर नहीं बढ़ा सकते आरक्षण, ओबीसी आरक्षण पर नियमित सुनवाई जारी, आज भी होगी
Thu, 16 Jul 2026 11:15 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:15 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट में दूसरे दिन भी सुनवाई जारी रही। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि इससे आरक्षण की 50% संवैधानिक सीमा का उल्लंघन होगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए 27% आरक्षण का विरोध किया गया। अगली सुनवाई शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे होगी।
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जनसंख्या के आधार पर नहीे बढ़ा सकते आरक्षण
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विस्तार
प्रदेश में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने के संबंध में हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद पाठक तथा जस्टिस विनय सराफ की विशेष पीठ के समक्ष नियमित सुनवाई गुरुवार को भी जारी रही। लगातार दूसरे दिन भी ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर उनके वकीलों की तरफ से पक्ष रखा गया।
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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी तथा गोपाल शंकर नारायण की तरफ से तर्क दिए गए। उन्होंने दलील दी कि जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिए जाने का प्रावधान नही है। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने इंदिरा साहनी के मामले में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह भी तर्क दिया गया कि 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटा लागू है। ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किया जाता है तो आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए संवैधानिक आदेश का उल्लंघन है। जातिगत गणना के आधार पर आरक्षण दिया जाना संविधान में दिए गए प्रावधान का भी उल्लंघन है। जनगणना के आधार पर दिए गए मराठा आरक्षण को भी सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया है।
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ये दलीलें सुनने के बाद युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे निर्धारित कर दी। गौरतलब है कि ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। हाईकोर्ट ने कुछ याचिकाओं की सुनवाई के बाद ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने पर रोक लगा दी थी।
