MP: नगर परिषद की लापरवाही या सिस्टम की विफलता, गंदा का पानी पीने को मजबूर क्यों हैं लोग? 14 से ज्यादा बीमार
खरगोन जिले के मंडलेश्वर में ड्रेनेज का दूषित पानी पेयजल पाइप लाइनों में मिलने से वार्ड 8 और 11 में स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। 14 से अधिक लोग बीमार पड़े हैं, जबकि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
विस्तार
खरगोन के मंडलेश्वर नगर परिषद की लापरवाही अब सीधे आमजन की सेहत पर भारी पड़ती नजर आ रही है। शहर के कुछ वार्डों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। आरोप है कि ड्रेनेज का दूषित पानी पेयजल पाइप लाइनों में मिलकर घरों तक पहुंच रहा है, जिससे वार्ड क्रमांक 8 और 11 में स्वास्थ्य संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
वार्ड क्रमांक 8 के हताई मोहल्ला में हालात सबसे अधिक चिंताजनक बताए जा रहे हैं। यहां ड्रेनेज चैंबर से होकर गुजर रही पेयजल पाइप लाइन में गंदा पानी मिलने के कारण 14 से अधिक लोग उल्टी, दस्त, पेट दर्द और मुंह में छाले जैसी समस्याओं से पीड़ित हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पानी से दुर्गंध आ रही थी, इसके बावजूद जलापूर्ति बंद नहीं की गई।
ड्रेनेज के भीतर बिछी पेयजल पाइप लाइन
वार्ड क्रमांक 11 की स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। यहां ड्रेनेज लाइन के भीतर ही पेयजल पाइप लाइन बिछाई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी व्यवस्था में पाइप लाइन में मामूली रिसाव भी पूरे क्षेत्र में संक्रमण फैला सकता है। लोगों ने इंदौर के भागीरथपुरा जैसी घटना की आशंका जताई है, जहां दूषित पानी के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो चुका है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ सुधार
जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य सतीशचंद मोयदे, ब्रह्मदत्त चौहान, नितिन पाटीदार और नगर परिषद उपाध्यक्ष ज्योति हरी गाडगे ने कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं संबंधित अमले को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समय रहते न तो पाइप लाइन बदली गई और न ही पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई।
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प्रशासन हरकत में, जांच शुरू
मामला सामने आने के बाद नायब तहसीलदार संजय बावेल और एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान ड्रेनेज चैंबर गंदे पानी से भरे पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमार लोगों की सूची तैयार कर उपचार शुरू कर दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने भी दूषित पानी से जुड़ी बीमारियों के लक्षणों की पुष्टि की है।
जनता में आक्रोश, जवाबदेही की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल जलापूर्ति बंद कर वैकल्पिक स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए, साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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