MP News: छतरपुर के बाद अब मंडला में बच्चा चोरी की अफवाह पर भीड़ का कहर, पिटाई से घायल युवक की मौत
मंडला जिले के बरखेड़ा गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते भीड़ ने एक अज्ञात बालक की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल बालक की अगले दिन मौत हो गई। वहीं, बीते दिन छतरपुर जिले में भी बच्चा चोरी की झूठी जानकारी के आधार पर महिला को भीड़ ने पीटा था।
विस्तार
मंडला जिले में मॉब लिंचिंग जैसी क्रूर घटना सामने आई है। बच्चा चोरी की अफवाह के चलते ग्रामीणों की भीड़ ने एक अज्ञात बालक को पकड़कर बेरहमी से पीट दिया। गंभीर रूप से घायल बालक की अगले दिन मौत हो गई। वहीं, बीते दिन छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ‘बच्चा चोरी’ की झूठी अफवाह ने एक निर्दोष महिला को भीड़ की हिंसा का शिकार बना दिया।
बता दें घटना मंडला के बरखेड़ा गांव की है, जो बिछिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें बालक को भीड़ से घिरा हुआ और मारपीट का शिकार होते देखा जा सकता है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार गांव में बच्चा चोरी की अफवाह फैल गई थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने एक अज्ञात बालक को पकड़ लिया और उसे बच्चा चोर बताकर बांध दिया। वायरल वीडियो में कई लोग बालक को घेरकर मारते दिखाई दे रहे हैं। एक व्यक्ति डंडे से वार करता नजर आ रहा है, जबकि दूसरा उसके बाल पकड़कर जमीन पर पटकता दिख रहा है। भीड़ उसके नाम और पहचान पूछती रही, जबकि वह रोता और चीखता रहा।
पुलिस ने छुड़ाया, अस्पताल में कराया भर्ती
गांव के सरपंच की सूचना पर बिछिया पुलिस मौके पर पहुंची और बालक को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बालक मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रहा था और उसकी पहचान नहीं हो सकी थी।
इलाज के दौरान लापता, फिर सड़क हादसे में मौत
एसपी के अनुसार इलाज के दौरान बालक अस्पताल से चला गया था। बाद में उसकी एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। आशंका है कि अस्पताल से निकलने के बाद किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कर अंतिम संस्कार करा दिया है। अब तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और परिजनों की तलाश जारी है।
वीडियो के आधार पर कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट कहा है कि भीड़ द्वारा किसी व्यक्ति की पिटाई करना गंभीर अपराध है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और किसी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। कानून अपने हाथ में लेना दंडनीय अपराध है। यह घटना एक बार फिर समाज में फैल रही अफवाहों और भीड़तंत्र की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मासूम की मौत के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
छतरपुर में पन्ना रोड पर हुई बच्चा चोरी को लेकर मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम गंज की रहने वाली है और ईसाई समुदाय से जुड़ी है। वह जंगलों से बेल-पत्ती बीनकर बागेश्वर धाम में बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है।
ये भी पढ़ें- MP News: आदिवासी वोटरों को साधने में जुटी मोहन सरकार, निकाय चुनावों पर पैनी नजर, बड़वानी बैठक से मिले संकेत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला रोज की तरह बेल-पत्ती बेचने आई थी, तभी कुछ लोगों ने उस पर बच्चा चोरी का शक जताया। देखते ही देखते अफवाह फैल गई और भीड़ ने बिना सच्चाई जाने उसे घेर लिया। वीडियो में कुछ लोग महिला को सड़क पर घसीटते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं। महिला खुद को निर्दोष बताती रही, लेकिन भीड़ पर अफवाह का ऐसा असर था कि किसी ने उसकी एक न सुनी। बाद में स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप और सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई।
मामला पुलिस संज्ञान में
सिविल लाइन टीआई सतीश सिंह ने बताया कि वीडियो सामने आया था। लोगों द्वारा बच्चा चोरी का शक में लोगों ने महिला को बिठा लिया था। मामला संज्ञान में लिया गया उक्त महिला और उसके पति को थाने बुलवाया था। मामले में कोई फरियादी या शिकायतकर्ता नहीं था। फिर भी वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। वीडियो और बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कमेंट
कमेंट X