EOW की बड़ी कार्रवाई: रिटायर्ड नगर पालिका अधिकारी के घर सुबह-सुबह छापा, करोड़ों की संपत्ति की जांच शुरू
जबलपुर ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में नरसिंहपुर के सेवानिवृत्त प्रभारी सीएमओ योगेंद्र ढिमोले के घर छापा मारा। जांच में कई मकान, प्लॉट, कृषि भूमि, वाहन, दुकान और निवेश सामने आए हैं। ईओडब्ल्यू दस्तावेजों और आय के स्रोतों की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
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मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक निरीक्षक एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) रह चुके योगेंद्र ढिमोले के घर पर छापेमार कार्रवाई की। टीम ने विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद यह कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में कई चल-अचल संपत्तियों का खुलासा होने के बाद ईओडब्ल्यू अब उनके आय के स्रोतों की पड़ताल कर रही है।
सुबह करीब 7 बजे 15 से 20 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम एमपीईबी कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंची। टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। घर के सभी कमरों, अलमारियों और कार्यालयीन दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। बैंक खातों, निवेश, जमीनों, मकानों, वाहनों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को भी खंगाला गया। कार्रवाई के दौरान किसी को भी बिना अनुमति घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
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लखनादौन में पदस्थापना के दौरान मिली थी शिकायत
ईओडब्ल्यू के डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि योगेंद्र ढिमोले ने नगर पालिका में सहायक निरीक्षक के पद पर सेवाएं दी थीं। इसके अलावा उन्होंने सिवनी जिले के लखनादौन नगर परिषद में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी का कार्यभार भी संभाला था। हाल ही में उनके सेवानिवृत्त होने के बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत ईओडब्ल्यू को प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने गोपनीय तरीके से प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया, जिसके बाद शुक्रवार को उनके निवास पर छापे की कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आई कई संपत्तियां
ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में योगेंद्र ढिमोले और उनके परिवार के नाम पर कई संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इनमें गाडरवारा में दो प्लॉटों पर बने पक्के मकान, सिवनी जिले के लखनादौन में एक आवासीय मकान और एक खाली प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा दो कृषि भूमि भी जांच के दायरे में हैं।
चल संपत्तियों में एक कार, एक महिंद्रा थार, तीन मोटरसाइकिल, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली एक मिक्सर मशीन होने की जानकारी मिली है। इसके साथ ही उनके बेटे के नाम पर एक दुकान भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। ईओडब्ल्यू अब इन सभी संपत्तियों के खरीद स्रोत और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
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बैंक खाते, निवेश और दस्तावेज भी जांच के दायरे में
छापे के दौरान टीम ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक पासबुक, निवेश संबंधी रिकॉर्ड, आयकर से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय अभिलेखों की भी जांच की। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों का मिलान वैध आय के स्रोतों से किया जाएगा। यदि जांच में आय की तुलना में संपत्ति अधिक पाई जाती है, तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में दिनभर रही चर्चा
सुबह-सुबह ईओडब्ल्यू की टीम के पहुंचने से एमपीईबी कॉलोनी में लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास के लोग कार्रवाई को लेकर चर्चा करते रहे। कई घंटे तक चली तलाशी के दौरान ईओडब्ल्यू की टीम ने घर में मौजूद हर महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति का सत्यापन किया। फिलहाल ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई पूरी होने तक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन तथा आय के स्रोतों का मिलान करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है।
