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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   A rare migratory bird known for flying at the highest altitude has been found in the Pawai Range.

MP: दक्षिण पन्ना के जंगलों में दिखा दुर्लभ बार-हेडेड गूज, जैव विविधता के लिए शुभ संकेत; वन विभाग में उत्साह

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना Published by: पन्ना ब्यूरो Updated Mon, 09 Feb 2026 08:44 PM IST
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सार

दक्षिण पन्ना वनमंडल की पवई रेंज के सुनेही बीट में दुर्लभ प्रवासी पक्षी बार-हेडेड गूज देखा गया। रेंज ऑफिसर नितेश पटेल ने इसका अवलोकन व फोटोग्राफी की। यह क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और सुरक्षित आर्द्रभूमि का संकेत है।

A rare migratory bird known for flying at the highest altitude has been found in the Pawai Range.
पवई रेंज में मिला दुर्लभ पक्षी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दक्षिण पन्ना वनमण्डल अंतर्गत पवई रेंज के सुनेही बीट क्षेत्र में एक दुर्लभ और विशेष प्रवासी पक्षी बार-हेडेड गूज (Bar-headed Goose) की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह महत्वपूर्ण अवलोकन पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल द्वारा किया गया, जिन्होंने इस पक्षी की न केवल पहचान की बल्कि उसकी फोटोग्राफी भी कैमरे में कैद की। क्षेत्र में इस प्रवासी पक्षी का दिखना वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए उत्साहजनक खबर मानी जा रही है।

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जैव विविधता के लिए शुभ संकेत
बार-हेडेड गूज की उपस्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दक्षिण पन्ना की आर्द्रभूमियां और जलाशय अब भी प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुरक्षित हैं। यह पक्षी अत्यंत संवेदनशील माना जाता है और केवल उन्हीं क्षेत्रों में ठहराव करता है जहां जल की स्वच्छता, भोजन की उपलब्धता और शांत वातावरण मौजूद हो। ऐसे में पवई रेंज के सुनेही बीट में इसका दिखाई देना स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
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दुनिया का सबसे ऊंची उड़ान भरने वाला पक्षी
बार-हेडेड गूज को दुनिया के सबसे ऊंची उड़ान भरने वाले पक्षियों में शामिल किया जाता है। यह प्रवासी पक्षी मध्य एशिया और तिब्बत के ठंडे इलाकों से हजारों किलोमीटर की यात्रा कर भारत की आर्द्रभूमियों तक पहुंचता है। इसकी सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यह हिमालय पर्वत श्रृंखला के ऊपर, अत्यधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में भी सहज उड़ान भरने में सक्षम होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पक्षी के फेफड़े और रक्त संचार प्रणाली इसे कम ऑक्सीजन में भी लंबी दूरी तय करने की अद्भुत क्षमता प्रदान करती है।

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वन विभाग द्वारा प्रवासी पक्षियों की निगरानी और संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पवई रेंज ऑफिसर द्वारा किया गया यह अवलोकन न केवल विभागीय कार्यप्रणाली की सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि दक्षिण पन्ना वनमण्डल प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल आवास बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी जैवविविधता के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। साथ ही यह स्थानीय लोगों के लिए भी जागरूकता का अवसर है कि प्राकृतिक संसाधनों और जलाशयों की रक्षा कितनी आवश्यक है। आने वाले समय में यदि इसी प्रकार संरक्षण कार्य जारी रहे, तो दक्षिण पन्ना क्षेत्र प्रवासी पक्षियों का एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बन सकता है।

दक्षिण वन मंडल मैं पहले भी देखे गए हैं प्रवासी पक्षी
आपको बता दें कि इसके पूर्व जब देश दुनिया में गिद्ध चारों ओर खत्म हो रहे हैं ऐसे में पवई रेंज में गिद्धों का रहस्वास पाया गया था अब वही इस तरह का दुर्लभ पक्षी पाया जाना अपने आप में जैव विविधता के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।

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