सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Panna News: Panna Forest Thrives with Vultures, Record 942 Counted on Day One in South Division Survey

Panna News: गिद्धों से गुलजार पन्ना का जंगल, पहले दिन ही रिकॉर्ड आंकड़ा, दक्षिण वनमंडल की गणना में 942 दर्ज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना Published by: पन्ना ब्यूरो Updated Sat, 21 Feb 2026 04:41 PM IST
विज्ञापन
सार

दक्षिण पन्ना वनमंडल में गिद्ध संरक्षण के प्रयास रंग लाते दिख रहे हैं। गिद्ध गणना 2026 के पहले ही दिन 942 गिद्ध दर्ज किए गए, जो हाल के वर्षों की सबसे अधिक संख्या है और क्षेत्र में जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

Panna News: Panna Forest Thrives with Vultures, Record 942 Counted on Day One in South Division Survey
दक्षिण वन मंडल में गिद्धों की संख्या में पहले दिन रिकॉर्ड संख्या दर्ज
विज्ञापन

विस्तार

दक्षिण पन्ना वनमंडल में गिद्ध संरक्षण के प्रयास रंग लाते दिख रहे हैं। गिद्ध गणना 2026 के पहले ही दिन 942 गिद्ध दर्ज किए गए, जो हाल के वर्षों की सबसे अधिक संख्या है और क्षेत्र में जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

Trending Videos


गिद्ध प्रकृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी पक्षी है, जिसे पर्यावरण का सफाईकर्मी भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से मृत जानवरों का मांस खाकर वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। गिद्ध की नजर बहुत तेज होती है और यह आसमान में ऊंचाई पर उड़ते हुए कई किलोमीटर दूर से भी मृत जानवर को देख सकता है। इसके पंख लंबे और मजबूत होते हैं, जिससे यह घंटों तक बिना ज्यादा ऊर्जा खर्च किए उड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दक्षिण पन्ना वनमंडल में आयोजित गिद्ध गणना 2026 के प्रथम दिवस पर कुल 942 गिद्ध दर्ज किए गए, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है। इससे पूर्व वर्ष 2025 में 762 तथा 2024 में 648 गिद्ध दर्ज हुए थे। इस वर्ष की गणना से क्षेत्र में गिद्ध संरक्षण के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

सात प्रकार के गिद्ध पाए गए
गणना के दौरान वनमंडल में 7 प्रजातियों के गिद्ध दर्ज किए गए, जिनमें इंडियन (लॉन्ग-बिल्ड) गिद्ध, इजिप्शियन (सफेद/व्हाइट स्कैवेंजर) गिद्ध, व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध, हिमालयन ग्रिफन, यूरेशियन ग्रिफन, सिनेरेयस (ब्लैक) गिद्ध तथा रेड-हेडेड (किंग) गिद्ध शामिल हैं। इनमें इजिप्शियन गिद्धों की संख्या सर्वाधिक पाई गई। विभिन्न गणना दलों द्वारा सर्वाधिक गिद्ध पवई परिक्षेत्र में दर्ज किए गए, जहां दलों का नेतृत्व परिक्षेत्र अधिकारी नितेश पटेल द्वारा किया गया।

ये भी पढ़ें: Seoni News: खेत जा रहे युवक पर पालतू कुत्तों ने अचानक किया हमला, गंभीर घायल; थाने में शिकायत दर्ज

गणना कार्य में गिद्ध विशेषज्ञ मोहनदास नागवानी ने दक्षिण पन्ना वनमंडल की टीमों के साथ शामिल होकर आवश्यक मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया। साथ ही प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी पंकज चौधरी ने भी इस अवसर पर गिद्धों की पहचान, व्यवहार एवं संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज मौसम अपेक्षाकृत ठंडा तथा आंशिक रूप से बादलों से ढका रहा, जिससे कुछ क्षेत्रों में गिद्धों की गतिविधि सीमित रही। आगामी दिनों में मौसम अनुकूल रहने पर गणना में दर्ज संख्या 1000 से अधिक होने की संभावना व्यक्त की गई है।

गिद्धों के लिए संरक्षित है पन्ना का जंगल
दक्षिण वन मंडल में पहले भी प्रवासियों अप्रवासीय गिद्धों की संख्या में लगातार बाद होती देखी गई थी अब ऐसे में गिद्धों की गणना के प्रथम दिवस 1000 से गिद्धों का पाया जाना दर्शाता है कि दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत जैव विविधता एवं जैव संरक्षण के लिए अनुकूल माहौल है और यही कारण है कि दक्षिण वन मंडल में सबसे अधिक गिद्ध पाए जाते हैं।

दक्षिण वन मंडल में चल रहा है जनजागरूकता अभियान
भारत में गिद्धों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें प्रमुख हैं White-rumped Vulture और Indian Vulture। पिछले कुछ वर्षों में डाइक्लोफेनाक जैसी दवाओं के कारण गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट आई है। हालांकि इसके लिए दक्षिण वन मंडल द्वारा मेडिकल में ऐसी प्रतिबंधित दवाइयां पर भी नजर रखी जा रही है, जिससे गिद्धों की संख्या में कमी ना आए गिद्धों का संरक्षण बेहद जरूरी है क्योंकि इनके बिना सड़ते शव बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं। हमें इस महत्वपूर्ण पक्षी की रक्षा के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed