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Sehore News: सीहोर में बारिश से भीगे गेहूं ने किसानों की नींद उड़ाई, मंड़ी में मचा हाहाकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Fri, 20 Mar 2026 09:07 PM IST
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सार

सीहोर में अचानक हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी। गेहूं-चना की फसलें भीगने से गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। खले में रखा अनाज भी भीग गया, थ्रेशर संचालकों ने काम से इनकार किया। मंडियों में भी नुकसान की आशंका से किसान और व्यापारी परेशान हैं। 

Sehore news: Rain brings relief but damages wheat crop, farmers worried as soaked grains hit markets
मौसम का अचानक बदला मिजाज
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विस्तार

सीहोर जिले में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और तपन के बीच मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया कि हर कोई हैरान रह गया। गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात हुई तेज बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी। लोगों को उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन इस राहत के पीछे किसानों के लिए बड़ी चिंता छिपी हुई है। आधी रात को गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश करीब 45 मिनट तक रुक-रुक कर होती रही, जिसने खेतों और मंडियों का हाल बदल दिया।

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इस समय जिले में गेहूं और चने की फसल पूरी तरह पक चुकी है। कई जगहों पर कटाई हो चुकी है, जबकि कई खेतों में फसल खड़ी है। बारिश के चलते खड़ी फसल के गिरने और कटे हुए गेहूं के भीगने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि यह बारिश दोबारा हुई तो दानों की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ेगा। चमक कम हो जाएगी और मंडी में उचित कीमत मिलना मुश्किल हो जाएगा।
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खले में रखा गेहूं भीगा, किसान परेशान
कई किसानों ने अपनी फसल काटकर खले में रखी हुई थी, जो रात की बारिश में पूरी तरह भीग गई। किसान महेश यादव बताते हैं कि उनके चार एकड़ खेत की कटी फसल बारिश में भीग गई। अब हालात ऐसे हैं कि थ्रेशर मशीन संचालकों ने गीली फसल निकालने से मना कर दिया है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है क्योंकि देरी से नुकसान और बढ़ सकता है। एक तरफ जहां बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ यही बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। सालभर की मेहनत पर पानी फिरने का डर हर किसान के चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा है।

थ्रेशर मशीन संचालकों ने किया इनकार
बारिश के बाद सबसे बड़ी समस्या यह सामने आई कि गीले गेहूं को निकालने के लिए थ्रेशर मशीन संचालक तैयार नहीं हैं। उनका साफ कहना है कि गीली फसल मशीन में फंस सकती है और नुकसान कर सकती है। ऐसे में किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है, न फसल सूख रही है, न उसे निकाला जा पा रहा है। केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि लहसुन और प्याज की फसलें भी इस बारिश से प्रभावित हो सकती हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में नमी बढ़ने से इन फसलों के खराब होने की संभावना बढ़ गई है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

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मंडी में भीगा अनाज, व्यापारी भी परेशान
कृषि उपज मंडी सीहोर में भी हालात खराब हो गए। कई व्यापारियों ने अपना गेहूं दुकानों के बाहर खुले में रखा था, जो बारिश में भीग गया। व्यापारी सतीश दरोठिया और चेतन साहू के अनुसार मौसम का ऐसा रुख किसी ने नहीं सोचा था। अचानक हुई बारिश ने अनाज की चमक और गुणवत्ता पर असर डाल दिया है। अब व्यापारी और किसान दोनों मिलकर भीगे गेहूं को धूप में सुखाने में जुटे हैं, लेकिन नुकसान की आशंका बरकरार है।

 

 

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