{"_id":"6a316a03e9cfc4d01b05f57f","slug":"a-farmer-created-a-ruckus-at-the-collectorate-alleging-that-the-collector-is-acting-like-a-terrorist-and-the-sp-is-engaging-in-thuggery-shajapur-news-c-1-1-noi1355-4402328-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shajapur News: 50 शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं, सुनवाई न होने पर भड़का किसान, कलेक्ट्रेट में किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shajapur News: 50 शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं, सुनवाई न होने पर भड़का किसान, कलेक्ट्रेट में किया हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: शाजापुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
सार
भूमि सीमांकन को लेकर वर्षों से शिकायत कर रहे एक किसान का गुस्सा मंगलवार को जनसुनवाई में फूट पड़ा। किसान ने अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप लगाए, जबकि पुलिस ने उसे परिसर से बाहर कर दिया।
किसान को कलेक्ट्रेट से बाहर धकेलती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान भूमि सीमांकन विवाद से परेशान एक किसान ने जमकर हंगामा कर दिया। किसान ने अपनी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। घटना के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार पोलायकलां निवासी किसान शरद कुमार शर्मा अपनी भूमि के सीमांकन संबंधी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उनकी भूमि के सर्वे नंबर 4446/3 के सीमांकन में गड़बड़ी की गई है और लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है।
किसान का कहना है कि वर्ष 2019 से अब तक वह कलेक्टर कार्यालय, संबंधित राजस्व अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन में 50 से अधिक शिकायतें दर्ज करा चुके हैं लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस राजस्व टीम पर पहले गलत सीमांकन करने के आरोप लगे थे, उसी टीम से दोबारा नाप-जोख कराई जा रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Bhind: फटे रेलवे टिकट ने खोला मर्डर का राज, प्रेमिका के लिए पत्नी को रास्ते से हटाया, चेहरा बिगाड़कर फेंका शव
शरद कुमार शर्मा ने दावा किया कि उनकी जमीन को गलत तरीके से दूसरे व्यक्ति की भूमि बताया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नई राजस्व टीम गठित कर पुनः सीमांकन कराने की मांग की है। शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से नाराज किसान ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं, जिससे माहौल गरमा गया।
किसान का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी समस्या रखने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि फरियादियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा, तो जनसुनवाई का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
वहीं लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति अधिकारियों के लिए अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहा था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परिसर की शांति भंग न हो, इसके लिए उसे कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर भेजा गया। फिलहाल भूमि सीमांकन से जुड़े विवाद और किसान द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार पोलायकलां निवासी किसान शरद कुमार शर्मा अपनी भूमि के सीमांकन संबंधी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उनकी भूमि के सर्वे नंबर 4446/3 के सीमांकन में गड़बड़ी की गई है और लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान का कहना है कि वर्ष 2019 से अब तक वह कलेक्टर कार्यालय, संबंधित राजस्व अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन में 50 से अधिक शिकायतें दर्ज करा चुके हैं लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस राजस्व टीम पर पहले गलत सीमांकन करने के आरोप लगे थे, उसी टीम से दोबारा नाप-जोख कराई जा रही है।
ये भी पढ़ें: Bhind: फटे रेलवे टिकट ने खोला मर्डर का राज, प्रेमिका के लिए पत्नी को रास्ते से हटाया, चेहरा बिगाड़कर फेंका शव
शरद कुमार शर्मा ने दावा किया कि उनकी जमीन को गलत तरीके से दूसरे व्यक्ति की भूमि बताया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नई राजस्व टीम गठित कर पुनः सीमांकन कराने की मांग की है। शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से नाराज किसान ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं, जिससे माहौल गरमा गया।
किसान का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी समस्या रखने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि फरियादियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा, तो जनसुनवाई का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
वहीं लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति अधिकारियों के लिए अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहा था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परिसर की शांति भंग न हो, इसके लिए उसे कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर भेजा गया। फिलहाल भूमि सीमांकन से जुड़े विवाद और किसान द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
