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Cyber Crime: दो फीसदी कमीशन पर साइबर ठगों को खाता उपलब्ध कराता था भाजपा नेता, जांच में चौंकाने वाला खुलासा
Fri, 07 Aug 2026 05:47 PM IST
शाजापुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: शाजापुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:47 PM IST
सार
ग्वालियर के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर हुई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले में राज्य साइबर पुलिस ने भाजपा नेता जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। जांच में उसके बैंक खाते का उपयोग 11 साइबर ठगी मामलों में मिलने पर पुलिस अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
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आरोपी जगदीश कुमार मालवीय
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर हुई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जांच में राज्य साइबर पुलिस ने भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि उसके द्वारा संचालित बैंक खाते का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी की 11 अलग-अलग वारदातों में किया गया था। महाराष्ट्र पुलिस भी एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले में उसकी तलाश कर रही है।
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राज्य साइबर पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से तथाकथित म्यूल अकाउंट नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसके पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। तीन अलग-अलग टीमें विभिन्न शहरों में संभावित सहयोगियों और खातों की पड़ताल कर रही हैं। यह मामला तब सामने आया जब ग्वालियर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को 'दिव्या सिंह' नाम की महिला ने दोस्ती कर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा दिया। करीब 218 दिनों के दौरान उन्होंने 76 बैंक खातों में 106 बार में कुल 21.05 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश की राशि 33.10 करोड़ रुपये दिखाई गई, लेकिन निकासी संभव नहीं हो सकी। इसके बाद 13 जुलाई को राज्य साइबर पुलिस के नोडल थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
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जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते की पहचान की, जिसमें ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये पहुंचे थे। यह खाता जगदीश कुमार मालवीय के नियंत्रण में था। जांच में पता चला कि इसी खाते का उपयोग पहले भी 11 साइबर ठगी मामलों में रकम के लेन-देन के लिए किया जा चुका था।
पुलिस के अनुसार, संबंधित बैंक खाता सर्व कल्याण अनुसूचित जाति-जनजाति संगठन के नाम पर था। जगदीश मालवीय वर्ष 2014 में संगठन का सदस्य बना और बाद में अध्यक्ष बन गया। अध्यक्ष बनने के बाद उसने खाते के संचालन के अधिकार अपने पास ले लिए और कथित तौर पर उसे साइबर ठगी से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को उपलब्ध करा दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर करीब दो प्रतिशत कमीशन लेता था। पुलिस के मुताबिक, केवल पिछले डेढ़ महीने में इस खाते से तीन करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ है। इसी अवधि में आरोपी के विदेश यात्रा करने की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली है।
जांच में यह भी पता चला है कि खाते में आए 50 लाख रुपये बाद में सागर जिले के कुछ अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए। इन खाताधारकों की पहचान और नेटवर्क का पता लगाने के लिए साइबर पुलिस की एक टीम आरोपी को साथ लेकर सागर पहुंची है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
