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Shajapur Weather: आंधी का कहर, मोबाइल टावर टूटकर हुआ टेढ़ा, रास्तों पर गिरे पेड़, कई इलाकों में बिजली गुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: शाजापुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 09:49 PM IST
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सार
शाजापुर जिले में सोमवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई जगह पेड़ गिरे, टेंट उखड़ गए और मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हुआ। बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन संतरा और आम के बागानों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
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विस्तार
जिला मुख्यालय सहित शुजालपुर, कालापीपल व कई हिस्सों में सोमवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदला। तेज हवाओं ने पहले धूल का गुबार उड़ाया।सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद अचानक बरसात शुरू हो गई। कई स्थानों पर चने से बड़े ओले गिरने से लोग हैरान रह गए।
शुजालपुर में करीब 20 मिनट तक हुई तेज वर्षा ने शहर की व्यवस्था की परीक्षा भी ले ली। कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। सड़कें छोटे तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। कुछ स्थानों पर जल निकासी की धीमी व्यवस्था भी सामने आई। शाम होते-होते ठंडी हवाओं ने वातावरण को पूरी तरह बदल दिया। शाजापुर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। अचानक चली तेज हवा के कारण कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए, जिससे कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। खुले मैदानों और आयोजनों में लगाए गए टेंट हवा के दबाव को नहीं झेल सके और उखड़कर दूर जा गिरे। कई स्थानों पर अस्थायी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं का असर दूरसंचार सेवाओं पर भी देखने को मिला। सिरोलिया गांव में मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली, जिससे लोगों को संचार संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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बिजली आपूर्ति भी कुछ स्थानों पर बाधित रही। किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं मिली, लेकिन तेज आंधी ने मौसम के बदले मिजाज की गंभीरता जरूर दिखा दी। जहां वर्षा ने किसानों को राहत दी, वहीं फल उत्पादकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के कई क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि के कारण संतरा और आम बागानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कुछ स्थानों पर कोमल शाखाओं और नई बढ़वार को भी क्षति पहुंची है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय फल विकास की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए मौसम का प्रतिकूल असर उत्पादन पर प्रभाव डाल सकता है।
लोग पार्कों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग मौसम का आनंद लेते नजर आए। खेती-किसानी के लिहाज से यह वर्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को खेतों में नमी मिलने से राहत मिली है। सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों की बुवाई की तैयारी अब गति पकड़ सकती है। वहीं संतरा उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है। तेज हवा और ओलों के कारण बागानों में छोटे फलों के झड़ने तथा शाखाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिला है। अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

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