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Shivpuri News: जिला प्रशासन ने दो जगहों पर बाल विवाह रुकवाया, कम उम्र में कराई जा रही थी शादी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: शिवपुरी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Apr 2025 09:39 PM IST
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सार
शिवपुरी जिला प्रशासन ने जिले में दो जगहों पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया है। बताया जा रहा है कि कम उम्र में ही विवाह करवाया जा रहा था।
बाल विवाह रुकवाने के लिए पहुंची प्रशासन की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिवपुरी जिले में इस समय शादियों का दौर जारी है। इसी बीच जिले के पोहरी विकास खंड में दो जगह पर बाल विवाह के मामले सामने आए। बाल विवाह की सूचना के पास जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और यहां संबंधित परिवारों को समझाइश देकर यह बाल विवाह रुकवाए हैं। जिला प्रशासन ने इन बाल विवाह के मामले को संज्ञान में लिया है और बाल विवाह न करने की समझाइश संबंधित परिवारजनों को दी है।
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जिला प्रशासन द्वारा सूचना मिलने के बाद दो जगहों पर बाल विवाह रुकवाने की कार्रवाई की। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल ने बताया कि पोहरी के छर्च में मुन्ना कुशवाह द्वारा 17 वर्षीय बेटी का विवाह किया जा रहा था। वहीं, ग्राम महदेवा निवासी रामावतार आदिवासी द्वारा 17 वर्ष के बेटे का विवाह कराया जा रहा था। जब इसकी सूचना प्रशासन को मिली, तब तत्काल नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग पोहरी के परियोजना अधिकारी नीरज गुर्जर ने पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी और बाल विवाह रुकवाया।
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विवाह आयोजनों पर प्रशासन की नजर
जिले में होने वाले विवाह आयोजनों में बाल विवाह न हो, इसके लिए जिला प्रशासन सतर्क है। प्रत्येक विवाह आयोजन पर नजर रखने हेतु निगरानी दलों का गठन किया गया है। इसके लिए कलेक्टर एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी रवींद्र कुमार चौधरी ने समस्त मैदानी अधिकारियों को पूर्ण सतर्क रहने को निर्देशित किया है। कोई भी व्यक्ति जिसे बाल विवाह के आयोजन की जानकारी है, वह संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, परियोजना अधिकारी, थाना प्रभारी को सूचना दे सकता है। इसके अलावा चाइल्ड लाइन नंबर 1098 या 100 नंबर या जिले के कंट्रोल रूम नंम्बर 07492356963 पर भी जानकारी दे सकते हैं।
निगरानी दलों का भी गठन
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में निगरानी दलों को निर्देशित किया गया है कि बाल विवाह होने पर ग्राम स्तरीय अमले की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बाल विवाह रोकथाम किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस गांव वार्ड के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। स्कूलों के टीचर, ग्राम कोटवार, हल्का पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी को अपने क्षेत्रों में अक्षय तृतीय से पूर्व भ्रमण कर बाल विवाह न हों यह सुनिश्चित करना होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल ने बताया कि विवाह आयोजन के दौरान सेवाएं देने वाले सभी सेवा प्रदाताओं से अपील की गई है कि वह उम्र के प्रमाण लेने के बाद ही सेवाएं दें अन्यथा उनके विरुद्ध भी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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