सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   ujjain-mahakal-bhasma-aarti-ganesh-swaroop-shringar-thousands-devotees-darshan

Ujjain: बाबा श्री महाकाल का गणेश स्वरूप में हुआ विशेष श्रृंगार, भस्म आरती में भक्तों ने किया दिव्य दर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 17 Jun 2026 08:08 AM IST
विज्ञापन
सार

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार की भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का गणेश स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। अलौकिक दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु सुबह से मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन लाभ प्राप्त किया।

ujjain-mahakal-bhasma-aarti-ganesh-swaroop-shringar-thousands-devotees-darshan
भस्म आरती में बाबा श्री महाकाल के हुए दिव्य दर्शन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया पर बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान भक्तों ने देर रात से ही कतार में लगकर अपने आराध्य देव बाबा महाकाल के दर्शन किए। सुबह चार बजे बाबा महाकाल के पट खुले और उनका अलौकिक श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर "जय श्री महाकाल" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।



श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया पर बुधवार सुबह 4 बजे भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटा बजाकर "हरि ओम" का जल अर्पित किया गया। पुजारियों और पुरोहितों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया तथा कपूर आरती के बाद उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Indore: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून को इंदौर आएंगी, खंडवा रोड का ट्रैफिक परिवर्तित

इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ भस्म आरती संपन्न हुई। आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बुधवार को बाबा महाकाल का श्रृंगार भगवान श्री गणेश के स्वरूप में किया गया। भस्म अर्पित करने के बाद उन्हें फूलों और बेलपत्र की मालाएं अर्पित की गईं।

इन अलौकिक दर्शनों का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर परिसर "जय श्री महाकाल" और "जय श्री गणेश" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

यह है आरती का समय
- भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक
- दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
- भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
- संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
- संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे
- शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर मे आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed