Ujjain News: नववर्ष पर भक्ति में डूबा उज्जैन, शिप्रा तट पर सूर्योपासना, महाकाल में हुआ ध्वजारोहण
उज्जैन में नवसंवत्सर के आगाज के साथ आस्था का माहौल चरम पर है। शिप्रा तट पर सूर्य अर्घ्य और मंदिरों में विशेष अनुष्ठानों के बीच शहर भक्तिमय नजर आया।
विस्तार
धर्मनगरी उज्जैन में चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष का उल्लास चरम पर है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के इस पावन अवसर पर शिप्रा के तट से लेकर महाकाल मंदिर तक पूरी अवंतिका नगरी नवसंवत्सर के स्वागत में सराबोर नजर आई। ब्रह्म पुराण के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी, जिसे सृष्टि आरंभ दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
शिप्रा तट पर सूर्य अर्घ्य
नववर्ष की पहली किरण के साथ ही रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा अनुसार ध्वज परिवर्तन किया गया, वहीं शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में नवरात्रि के चलते भक्तों का तांता लगा रहा। शहर के सभी देवी मंदिरों में विशेष साज-सज्जा और अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
सूर्योपासना से गूंजा रामघाट
सुबह 5:30 बजे रामघाट और दत्त अखाड़ा क्षेत्र में कोटि सूर्योपासना का भव्य आयोजन हुआ। नवसंवत्सर अभिनंदन समारोह समिति और विभिन्न ज्योतिष संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में ब्रह्म ध्वजा स्थापित कर नववर्ष का स्वागत किया गया। यह आयोजन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी सामूहिक रूप से किया गया।
विक्रमोत्सव 2026 के तहत 19 मार्च की शाम 7 बजे शिप्रा तट पर ‘सृष्टि आरंभ दिवस–उज्जयिनी गौरव दिवस’ का भव्य आयोजन होगा। कार्यक्रम की शुरुआत महादेव नदी कथा पर आधारित नृत्य-नाट्य प्रस्तुति से होगी, जिसमें भगवान शिव और शिप्रा नदी की महिमा को मंच पर दर्शाया जाएगा।
इसके साथ ही ड्रोन शो और आतिशबाजी के जरिए आकाश रोशन होगा। प्रसिद्ध पार्श्वगायक विशाल मिश्रा अपनी टीम के साथ संगीत प्रस्तुति देंगे, जिससे आयोजन और भी आकर्षक बनेगा।
सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण
विक्रमोत्सव के तहत इस वर्ष सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व या संस्था को 1 करोड़ 1 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। इसके अलावा राज्य स्तर पर तीन शिखर सम्मान (प्रत्येक 5 लाख रुपये) भी प्रदान किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 20 मई 2026 तय की गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विक्रम पंचांग 2083, भारत निधि, आर्ष भारत, 84 महादेव और विक्रमांक पत्रिका जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों का लोकार्पण किया जाएगा, जो उज्जैन की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

कमेंट
कमेंट X