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MP: दिल्ली जंतर-मंतर के आंदोलन के बीच उज्जैन में भी महापड़ाव जारी, प्रदर्शनकारियों ने की ये पांच बड़ी मांगें
Fri, 24 Jul 2026 02:24 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:24 PM IST
सार
दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन का असर अब उज्जैन में भी दिख रहा है। यहां टावर चौक पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे पिछले चार दिनों से महापड़ाव जारी है। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक मामले से प्रभावित और जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
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Ujjain: टावर चौक पर महापड़ाव जारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का असर देश के अन्य हिस्सों में दिख रहा है। प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और युवाओं के मुद्दों को लेकर उज्जैन में भी धरना चल रहा है। यहां टावर चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के नीचे पिछले चार दिनों से भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और सर्व समाज का महापड़ाव जारी है। बरसाती पन्नी तानकर बैठे प्रदर्शनकारी एक ही नारा लगा रहे हैं कि नीट घोटाले का जवाब दो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो...।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और उन्हें शहीद घोषित किया जाए। कैंडल मार्च निकालकर पहले ही सरकार को चेतावनी दी जा चुकी है।
आजाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील अस्तेय ने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, नीट घोटाला और दिल्ली में शांतिपूर्ण छात्रों पर लाठीचार्ज - ये सब एक साजिश है। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं देते, ये आंदोलन खत्म नहीं होगा। चाहे पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो जारी कर दें या सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ दें।
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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 25 जुलाई को टावर चौक से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। वहां राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
युवा छात्र संघर्ष समिति की ये हैं पांच प्रमुख मांगें
1. छात्रों पर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई।
2. नीट सहित सभी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की समयबद्ध जांच।ब
3. छात्रों पर चली हर लाठी का जवाबदेही तय हो।
4. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
5. पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू हो।
ये भी पढ़ें- दतिया उपचुनाव: 'चुनाव के बाद हिसाब लेंगे' बयान पर घिरे जीतू पटवारी, भाजपा ने कहा- अधिकारियों को धमकाना शर्मनाक
आवाज नहीं उठाई तो अगली पीढ़ी भी पेपर लीक की भेंट चढ़ जाएगी
इस आंदोलन में सिर्फ संगठन के लोग ही नहीं, आम लोग भी शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शन में पहुंचे कमलेश मरमट ने कहा - मैं अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हूं। अगर आज आवाज नहीं उठाई तो कल हमारी अगली पीढ़ी भी पेपर लीक की भेंट चढ़ जाएगी। इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।
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प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और उन्हें शहीद घोषित किया जाए। कैंडल मार्च निकालकर पहले ही सरकार को चेतावनी दी जा चुकी है।
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आजाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील अस्तेय ने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, नीट घोटाला और दिल्ली में शांतिपूर्ण छात्रों पर लाठीचार्ज - ये सब एक साजिश है। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं देते, ये आंदोलन खत्म नहीं होगा। चाहे पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो जारी कर दें या सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ दें।
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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 25 जुलाई को टावर चौक से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। वहां राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
युवा छात्र संघर्ष समिति की ये हैं पांच प्रमुख मांगें
1. छात्रों पर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई।
2. नीट सहित सभी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की समयबद्ध जांच।ब
3. छात्रों पर चली हर लाठी का जवाबदेही तय हो।
4. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
5. पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू हो।
ये भी पढ़ें- दतिया उपचुनाव: 'चुनाव के बाद हिसाब लेंगे' बयान पर घिरे जीतू पटवारी, भाजपा ने कहा- अधिकारियों को धमकाना शर्मनाक
आवाज नहीं उठाई तो अगली पीढ़ी भी पेपर लीक की भेंट चढ़ जाएगी
इस आंदोलन में सिर्फ संगठन के लोग ही नहीं, आम लोग भी शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शन में पहुंचे कमलेश मरमट ने कहा - मैं अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हूं। अगर आज आवाज नहीं उठाई तो कल हमारी अगली पीढ़ी भी पेपर लीक की भेंट चढ़ जाएगी। इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।

हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए युवा।
