{"_id":"69d0b74d5b7c8263a90d03a4","slug":"illegal-stock-mdma-drug-manufacturing-materials-seized-ujjain-interstate-network-busted-3-accused-arrested-ujjain-news-c-1-1-noi1228-4124993-2026-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: उज्जैन में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 75 किलो केमिकल और लाखों की नकदी के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: उज्जैन में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 75 किलो केमिकल और लाखों की नकदी के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:53 PM IST
विज्ञापन
सार
उज्जैन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए MDMA सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की साजिश को नाकाम कर दिया। आगर रोड स्थित एक गैरेज से 75 किलो से अधिक खतरनाक केमिकल, 8.5 लाख रुपए नकद और फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए।
उज्जैन में बड़ी कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
उज्जैन पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घातक सिंथेटिक ड्रग्स MDMA बनाने की साजिश को नाकाम कर दिया है। थाना चिमनगंज पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बनाने वाले केमिकल पाउडर, नकदी और अन्य सामग्री जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि आगर रोड स्थित ‘कृष्णा मोटर्स’ गैरेज में MDMA ड्रग्स बनाने के लिए अवैध केमिकल छुपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने प्रतिबंधित केमिकल बरामद किए और ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अहम सुराग भी जुटाए।
मुख्य आरोपी सहित कई गिरफ्तार
पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी अर्पित उर्फ सौरभ गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गुजरात की केमिकल कंपनियों से फर्जीवाड़े के जरिए ‘ब्रोमोपोल’ और ‘2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफिनोन’ जैसे खतरनाक केमिकल मंगवाए थे। इस साजिश में आरोपी ओमप्रकाश, हरिओम और अन्य लोग भी शामिल थे, जो इन केमिकल्स से ड्रग्स बनाकर ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहे थे।
ये भी पढ़ें- ये कैसा इलाज?: झाड़फूंक के नाम पर महिला से मारपीट, लात-घूंसों से पिटती रही पत्नी और पति चुपचाप देखता रहा
पुताई और कलर के बहाने मंगवाया केमिकल
जांच में यह भी सामने आया कि केमिकल को पुताई और कलर के काम के बहाने मंगवाया गया था। हालांकि जब इसे मंगवाया गया था, उस समय यह केमिकल प्रतिबंधित नहीं था। बाद में 11 मार्च 2026 को इस पर प्रतिबंध लगाया गया, जबकि आरोपियों ने इसे जनवरी में ही मंगवा लिया था। आमतौर पर ऐसे केमिकल मंगवाने के लिए उपयोग का सर्टिफिकेट देना जरूरी होता है, लेकिन आरोपियों ने पेंट कार्य का बहाना बनाकर इसे हासिल कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी बिलिंग के जरिए गुजरात से ‘ब्रोमोपोल’ और ‘2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफेनोन’ जैसे प्रतिबंधित केमिकल मंगाते थे। इनका उपयोग सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में किया जाना था।
यह सामग्री हुई जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 75 किलो ब्रोमोपोल क्रिस्टल पाउडर (कीमत लगभग 48 हजार रुपए), अवैध रसायनों की बिक्री से प्राप्त 8 लाख 50 हजार रुपए नकद, खरीद-फरोख्त से जुड़े 3 फर्जी बिल और परिवहन में इस्तेमाल की गई बलेनो कार जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने अर्पित उर्फ सौरभ गुप्ता (33 वर्ष, निवासी तिरुपति धाम एक्सटेंशन, उज्जैन), रंजीत (33 वर्ष, निवासी गरोठ, जिला मंदसौर) और ओमप्रकाश (26 वर्ष, निवासी बड़ौद, जिला आगर मालवा) को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और इस ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
Trending Videos
मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि आगर रोड स्थित ‘कृष्णा मोटर्स’ गैरेज में MDMA ड्रग्स बनाने के लिए अवैध केमिकल छुपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने प्रतिबंधित केमिकल बरामद किए और ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अहम सुराग भी जुटाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य आरोपी सहित कई गिरफ्तार
पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी अर्पित उर्फ सौरभ गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गुजरात की केमिकल कंपनियों से फर्जीवाड़े के जरिए ‘ब्रोमोपोल’ और ‘2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफिनोन’ जैसे खतरनाक केमिकल मंगवाए थे। इस साजिश में आरोपी ओमप्रकाश, हरिओम और अन्य लोग भी शामिल थे, जो इन केमिकल्स से ड्रग्स बनाकर ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहे थे।
ये भी पढ़ें- ये कैसा इलाज?: झाड़फूंक के नाम पर महिला से मारपीट, लात-घूंसों से पिटती रही पत्नी और पति चुपचाप देखता रहा
पुताई और कलर के बहाने मंगवाया केमिकल
जांच में यह भी सामने आया कि केमिकल को पुताई और कलर के काम के बहाने मंगवाया गया था। हालांकि जब इसे मंगवाया गया था, उस समय यह केमिकल प्रतिबंधित नहीं था। बाद में 11 मार्च 2026 को इस पर प्रतिबंध लगाया गया, जबकि आरोपियों ने इसे जनवरी में ही मंगवा लिया था। आमतौर पर ऐसे केमिकल मंगवाने के लिए उपयोग का सर्टिफिकेट देना जरूरी होता है, लेकिन आरोपियों ने पेंट कार्य का बहाना बनाकर इसे हासिल कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी बिलिंग के जरिए गुजरात से ‘ब्रोमोपोल’ और ‘2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफेनोन’ जैसे प्रतिबंधित केमिकल मंगाते थे। इनका उपयोग सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में किया जाना था।
यह सामग्री हुई जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 75 किलो ब्रोमोपोल क्रिस्टल पाउडर (कीमत लगभग 48 हजार रुपए), अवैध रसायनों की बिक्री से प्राप्त 8 लाख 50 हजार रुपए नकद, खरीद-फरोख्त से जुड़े 3 फर्जी बिल और परिवहन में इस्तेमाल की गई बलेनो कार जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने अर्पित उर्फ सौरभ गुप्ता (33 वर्ष, निवासी तिरुपति धाम एक्सटेंशन, उज्जैन), रंजीत (33 वर्ष, निवासी गरोठ, जिला मंदसौर) और ओमप्रकाश (26 वर्ष, निवासी बड़ौद, जिला आगर मालवा) को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और इस ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

कमेंट
कमेंट X