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Ujjain: शून्य अंक से भड़के विद्यार्थी! बीकॉम परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप, विवि पहुंचे छात्रों ने दी यह चेतावनी
Fri, 24 Jul 2026 09:30 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:30 AM IST
सार
उज्जैन के नागदा स्थित दो शासकीय कॉलेजों के 47 से अधिक बीकॉम द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को एक ही विषय में शून्य अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विवाद गहरा गया है। छात्रों ने विक्रम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर मूल्यांकन में भेदभाव और निजी कॉलेजों के छात्रों को विशेष सुविधा देने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
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विरोध करते हुए छात्र।
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विस्तार
उज्जैन के नागदा के दो शासकीय कॉलेजों के 47 से अधिक बीकॉम द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को एक ही विषय में शून्य अंक और सप्लीमेंट्री दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा केंद्र पर निजी कॉलेजों के विद्यार्थियों को नकल और विशेष सुविधा दी गई, जबकि शासकीय कॉलेज के नियमित छात्रों के साथ भेदभाव कर मनमाने तरीके से फेल किया गया।
आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने विक्रम विश्वविद्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
यह है पूरा मामला
विद्यार्थियों के अनुसार, छह मई 2025 को आयोजित बिजनेस स्टेटिस्टिक्स की परीक्षा में नागदा के रूपेटा स्थित शासकीय स्वामी विवेकानंद कॉलेज के 44 छात्रों में से 30 को सप्लीमेंट्री दे दी गई। इनमें से कई को शून्य अंक मिले। इसी तरह शासकीय गर्ल्स डिग्री कॉलेज की 17 छात्राओं को भी 0 से 3 अंक तक ही दिए गए। विद्यार्थियों का कहना है कि सभी नियमित थे और उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी थी। इसके बावजूद इतने कम अंक मिलना संदेह पैदा करता है।
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नकल और मिलीभगत के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में शेषशायी कॉलेज और वर्धमान कॉलेज, नागदा के निजी छात्रों की भी परीक्षा हुई थी। छात्रा खुशी ने बताया की निजी कॉलेजों के प्राध्यापकों की ड्यूटी उन्हीं कमरों में लगाई गई जहां उनके कॉलेज के छात्र थे। कुछ प्राध्यापकों ने दूसरे कमरों में जाकर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर भी बताए। कई छात्रों ने मोबाइल से नकल भी की।प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि शासकीय कॉलेज के प्राचार्य और निजी कॉलेज संचालकों की मिलीभगत से निजी छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और वे पास हो गए, जबकि शासकीय कॉलेज के छात्रों को फेल कर दिया गया।
छात्रों की 4 प्रमुख मांगें
1. परीक्षा केंद्र के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच हो।
2. परीक्षा ड्यूटी वाले सभी प्राध्यापकों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
3. बिजनेस स्टेटिस्टिक्स की सभी उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन हो।
4. नकल और अनियमितता साबित होने पर संबंधितों पर कठोर कार्रवाई हो।
ये भी पढ़ें- Bhopal News: अरेरा हिल्स थाना प्रभारी शर्मा व एक आरक्षक निलंबित, महिला से अनैतिक संबंधों के आरोप में कार्रवाई
विश्वविद्यालय का जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलसचिव अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया। कुलसचिव ने कहा, मामले की जांच के लिए परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे सुधारा जाएगा।
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आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने विक्रम विश्वविद्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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यह है पूरा मामला
विद्यार्थियों के अनुसार, छह मई 2025 को आयोजित बिजनेस स्टेटिस्टिक्स की परीक्षा में नागदा के रूपेटा स्थित शासकीय स्वामी विवेकानंद कॉलेज के 44 छात्रों में से 30 को सप्लीमेंट्री दे दी गई। इनमें से कई को शून्य अंक मिले। इसी तरह शासकीय गर्ल्स डिग्री कॉलेज की 17 छात्राओं को भी 0 से 3 अंक तक ही दिए गए। विद्यार्थियों का कहना है कि सभी नियमित थे और उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी थी। इसके बावजूद इतने कम अंक मिलना संदेह पैदा करता है।
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नकल और मिलीभगत के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में शेषशायी कॉलेज और वर्धमान कॉलेज, नागदा के निजी छात्रों की भी परीक्षा हुई थी। छात्रा खुशी ने बताया की निजी कॉलेजों के प्राध्यापकों की ड्यूटी उन्हीं कमरों में लगाई गई जहां उनके कॉलेज के छात्र थे। कुछ प्राध्यापकों ने दूसरे कमरों में जाकर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर भी बताए। कई छात्रों ने मोबाइल से नकल भी की।प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि शासकीय कॉलेज के प्राचार्य और निजी कॉलेज संचालकों की मिलीभगत से निजी छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और वे पास हो गए, जबकि शासकीय कॉलेज के छात्रों को फेल कर दिया गया।
छात्रों की 4 प्रमुख मांगें
1. परीक्षा केंद्र के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच हो।
2. परीक्षा ड्यूटी वाले सभी प्राध्यापकों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
3. बिजनेस स्टेटिस्टिक्स की सभी उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन हो।
4. नकल और अनियमितता साबित होने पर संबंधितों पर कठोर कार्रवाई हो।
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विश्वविद्यालय का जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलसचिव अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया। कुलसचिव ने कहा, मामले की जांच के लिए परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे सुधारा जाएगा।

विरोध करती हुई छात्राएं एक समूह चित्र में।

शैक्षणिक परिसर का फोटो।
