{"_id":"6a074da9bb7d70eabe0bbc8c","slug":"mystery-surrounds-leopard-cub-death-in-bandhavgarh-tiger-reserve-forest-area-umaria-news-c-1-1-noi1225-4287766-2026-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Umaria News: बांधवगढ़ में मिला तेंदुआ शावक का शव, मौत की वजह बनी रहस्य! मेटल डिटेक्टर की मदद से जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Umaria News: बांधवगढ़ में मिला तेंदुआ शावक का शव, मौत की वजह बनी रहस्य! मेटल डिटेक्टर की मदद से जांच शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2026 09:13 PM IST
विज्ञापन
सार
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक तेंदुआ शावक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला है। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर की मदद से जांच शुरू कर दी है।
बांधवगढ़ के जंगल में मिला तेंदुआ शावक का शव।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक तेंदुआ शावक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से वन विभाग सतर्क हो गया है। मामला मझौली बीट के आरएफ 404 कक्ष का है, जहां नियमित गश्त के दौरान वन कर्मचारियों को जंगल के भीतर से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब टीम बांस भीरे की ओर पहुंची तो वहां एक तेंदुआ शावक मृत अवस्था में पड़ा मिला।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण तथा वन्यजीव विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई।
वन अमले ने सबसे पहले आसपास के इलाके की सघन तलाशी ली। डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल और उसके आसपास कई घंटों तक जांच अभियान चलाया गया। साथ ही मेटल डिटेक्टर से भी इलाके की जांच की गई ताकि शिकार या किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़े सुराग मिल सकें। हालांकि शुरुआती जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे शिकार की पुष्टि हो सके।
विज्ञापन
जरूरी नमूने सुरक्षित कर जांच के लिए भेजे गए
मृत तेंदुआ शावक नर बताया गया है, जिसकी उम्र करीब डेढ़ वर्ष मानी जा रही है। विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने मौके पर शव परीक्षण किया। पोस्टमार्टम के दौरान तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे शिकार की आशंका फिलहाल कमजोर मानी जा रही है। हालांकि, डॉक्टरों ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जरूरी नमूने सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिए हैं।
वन विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक मौत के कारणों को लेकर कुछ भी स्पष्ट कहना जल्दबाजी होगी। जंगल में आपसी संघर्ष, बीमारी या किसी जहरीले तत्व की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
शावक का अंतिम संस्कार किया गया
पोस्टमार्टम के बाद निर्धारित नियमों के तहत तेंदुआ शावक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई ताकि जांच रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
ये भी पढ़ें- MP News: भोजशाला में गूंजे पूजा-पाठ और हनुमान चालीसा के स्वर, हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली बार हुई आराधना
बांधवगढ़ जैसे संवेदनशील टाइगर रिजर्व में वन्यजीव की इस तरह मौत ने वन विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में लगातार बढ़ती गतिविधियों और प्राकृतिक संघर्षों के बीच वन्यजीवों की निगरानी और मजबूत करने की जरूरत है। अब सभी को उस रिपोर्ट का इंतजार है जो तेंदुआ शावक की मौत के पीछे की असली वजह सामने लाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण तथा वन्यजीव विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन अमले ने सबसे पहले आसपास के इलाके की सघन तलाशी ली। डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल और उसके आसपास कई घंटों तक जांच अभियान चलाया गया। साथ ही मेटल डिटेक्टर से भी इलाके की जांच की गई ताकि शिकार या किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़े सुराग मिल सकें। हालांकि शुरुआती जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे शिकार की पुष्टि हो सके।
Trending Videos
जरूरी नमूने सुरक्षित कर जांच के लिए भेजे गए
मृत तेंदुआ शावक नर बताया गया है, जिसकी उम्र करीब डेढ़ वर्ष मानी जा रही है। विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने मौके पर शव परीक्षण किया। पोस्टमार्टम के दौरान तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे शिकार की आशंका फिलहाल कमजोर मानी जा रही है। हालांकि, डॉक्टरों ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जरूरी नमूने सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिए हैं।
वन विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक मौत के कारणों को लेकर कुछ भी स्पष्ट कहना जल्दबाजी होगी। जंगल में आपसी संघर्ष, बीमारी या किसी जहरीले तत्व की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
शावक का अंतिम संस्कार किया गया
पोस्टमार्टम के बाद निर्धारित नियमों के तहत तेंदुआ शावक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई ताकि जांच रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
ये भी पढ़ें- MP News: भोजशाला में गूंजे पूजा-पाठ और हनुमान चालीसा के स्वर, हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली बार हुई आराधना
बांधवगढ़ जैसे संवेदनशील टाइगर रिजर्व में वन्यजीव की इस तरह मौत ने वन विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में लगातार बढ़ती गतिविधियों और प्राकृतिक संघर्षों के बीच वन्यजीवों की निगरानी और मजबूत करने की जरूरत है। अब सभी को उस रिपोर्ट का इंतजार है जो तेंदुआ शावक की मौत के पीछे की असली वजह सामने लाएगी।

शावक का किया गया अंतिम संस्कार।

कमेंट
कमेंट X