{"_id":"68383f319e338266a009f496","slug":"electric-vehicle-registration-in-uttar-pradesh-surpasses-delhi-and-maharashtra-latest-news-in-hindi-2025-05-29","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"EV: भारत में ईवी क्रांति में यूपी सबसे आगे, इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण में दिल्ली और महाराष्ट्र को पछाड़ा","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
EV: भारत में ईवी क्रांति में यूपी सबसे आगे, इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण में दिल्ली और महाराष्ट्र को पछाड़ा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 29 May 2025 04:34 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश अब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के क्षेत्र में सबसे आगे निकल चुका है। राज्य में अब तक 4.14 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर (पंजीकृत) हो चुके हैं।
विज्ञापन
Electric Car
- फोटो : Freepik
उत्तर प्रदेश अब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के क्षेत्र में सबसे आगे निकल चुका है। राज्य में अब तक 4.14 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर (पंजीकृत) हो चुके हैं। जिससे यूपी ने दिल्ली (1.83 लाख) और महाराष्ट्र (1.79 लाख) जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
Trending Videos
Electric Rickshaw
- फोटो : Lohia
रोजगार और निवेश की भी तैयारी
इस नीति के जरिए सरकार 30,000 करोड़ रुपये तक का निवेश लाने और 10 लाख नए रोजगार पैदा करने की योजना बना रही है। ये कदम यूपी को ईवी सेक्टर में लंबी छलांग दिला सकता है।
ई-रिक्शा बने गेमचेंजर
अधिकारियों के मुताबिक, ईवी के तेजी से बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण है ई-रिक्शा का व्यापक इस्तेमाल। यूपी में बिकने वाले ईवी में से लगभग 85 प्रतिशत ई-रिक्शा हैं। ये शहरी इलाकों में यात्रियों और सामान को ढोने के लिए बेहद कारगर साबित हुए हैं।
यह भी पढ़ें - TVS Jupiter 125 DT SXC: टीवीएस ज्युपिटर का नया वेरिएंट हुआ लॉन्च, जानें कीमत कीमत और क्या है खास
इस नीति के जरिए सरकार 30,000 करोड़ रुपये तक का निवेश लाने और 10 लाख नए रोजगार पैदा करने की योजना बना रही है। ये कदम यूपी को ईवी सेक्टर में लंबी छलांग दिला सकता है।
ई-रिक्शा बने गेमचेंजर
अधिकारियों के मुताबिक, ईवी के तेजी से बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण है ई-रिक्शा का व्यापक इस्तेमाल। यूपी में बिकने वाले ईवी में से लगभग 85 प्रतिशत ई-रिक्शा हैं। ये शहरी इलाकों में यात्रियों और सामान को ढोने के लिए बेहद कारगर साबित हुए हैं।
यह भी पढ़ें - TVS Jupiter 125 DT SXC: टीवीएस ज्युपिटर का नया वेरिएंट हुआ लॉन्च, जानें कीमत कीमत और क्या है खास
विज्ञापन
विज्ञापन
EV Charging Stations
- फोटो : Freepik
फेम स्कीम का सबसे बड़ा फायदा उठाने वाला राज्य
उत्तर प्रदेश, केंद्र सरकार की FAME-I और FAME-II (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफेक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया) योजनाओं का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है। इससे राज्य की ई-मोबिलिटी की पहल और भी मजबूत हुई है।
चार्जिंग स्टेशन भी तेजी से बढ़ रहे
योगी आदित्यनाथ सरकार ने ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देते हुए 16 नगर निकायों में 300 से ज्यादा नए चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी दी है। खास बात ये है कि धार्मिक और टूरिज्म का केंद्र बनता अयोध्या सबसे ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स पाने वाला शहर हो सकता है।
यह भी पढ़ें - Road safety: नितिन गडकरी का एलान- शंकर महादेवन ने बनाया सड़क सुरक्षा पर गाना, 22 भाषाओं में होगा रिलीज
उत्तर प्रदेश, केंद्र सरकार की FAME-I और FAME-II (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफेक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया) योजनाओं का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है। इससे राज्य की ई-मोबिलिटी की पहल और भी मजबूत हुई है।
चार्जिंग स्टेशन भी तेजी से बढ़ रहे
योगी आदित्यनाथ सरकार ने ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देते हुए 16 नगर निकायों में 300 से ज्यादा नए चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी दी है। खास बात ये है कि धार्मिक और टूरिज्म का केंद्र बनता अयोध्या सबसे ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स पाने वाला शहर हो सकता है।
यह भी पढ़ें - Road safety: नितिन गडकरी का एलान- शंकर महादेवन ने बनाया सड़क सुरक्षा पर गाना, 22 भाषाओं में होगा रिलीज
चार्जिंग स्टेशन
- फोटो : AI
चार्जिंग स्टेशन की स्थिति और भविष्य की तस्वीर
अभी देश में लगभग 33,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं, जिनमें से 35 प्रतिशत फास्ट चार्जर हैं। अनुमान है कि 2030 तक भारत में 10.2 करोड़ ईवी सड़क पर हो सकते हैं। हालांकि, अल्वारेज और मार्सल के एक अध्ययन के अनुसार, देश में एक पब्लिक चार्जर पर औसतन 135 ईवी हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक सिर्फ 6 से 20 का है। यानी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की जरूरत है।
हालांकि टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वाहन अक्सर घर पर ही चार्ज किए जाते हैं। लेकिन फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से सुधारने में जुटी है।
यह भी पढ़ें - Road Accidents: इस भारतीय राज्य में 2025 में अब तक हुईं 13,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं, जिनमें लगभग 7,700 मौतें दर्ज
अभी देश में लगभग 33,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं, जिनमें से 35 प्रतिशत फास्ट चार्जर हैं। अनुमान है कि 2030 तक भारत में 10.2 करोड़ ईवी सड़क पर हो सकते हैं। हालांकि, अल्वारेज और मार्सल के एक अध्ययन के अनुसार, देश में एक पब्लिक चार्जर पर औसतन 135 ईवी हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक सिर्फ 6 से 20 का है। यानी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की जरूरत है।
हालांकि टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वाहन अक्सर घर पर ही चार्ज किए जाते हैं। लेकिन फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से सुधारने में जुटी है।
यह भी पढ़ें - Road Accidents: इस भारतीय राज्य में 2025 में अब तक हुईं 13,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं, जिनमें लगभग 7,700 मौतें दर्ज
विज्ञापन
Maruti Suzuki e Vitara
- फोटो : Maruti Suzuki
यूपी की ईवी रणनीति - तीन मजबूत स्तंभों पर आधारित
राज्य की ईवी नीति तीन मुख्य हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करती है:
यह भी पढ़ें - CNG Cars: गुजरात में तेजी से बढ़ रही सीएनजी गाड़ियों की मांग, पेट्रोल वाहनों की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
राज्य की ईवी नीति तीन मुख्य हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करती है:
- ईवी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना
- चार्जिंग स्टेशन का जाल फैलाना
- लोगों में ई-मोबिलिटी को अपनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना
यह भी पढ़ें - CNG Cars: गुजरात में तेजी से बढ़ रही सीएनजी गाड़ियों की मांग, पेट्रोल वाहनों की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह