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Accident Deaths: 2021 में दोपहिया वाहन सवारों की दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा गई जान, जानें हर राज्य का हाल
Tue, 30 Aug 2022 04:36 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 30 Aug 2022 04:36 PM IST
सार
वर्ष 2021 के दौरान देश में सड़क हादसों में दोपहिया वाहनों ने सबसे ज्यादा 70,000 लोगों की जान ली है।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : For Reference Only
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वर्ष 2021 के दौरान देश में सड़क हादसों में दोपहिया वाहनों ने सबसे ज्यादा 70,000 लोगों की जान ली है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में सड़क हादसों में 1,55,622 लोगों की जान चली गई।
दु्र्घटनाग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
वाहन के आधार पर दुर्घटनाओं के आंकड़े
एसयूवी, कार, जीप दुर्घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में मौतें (23,531 में से 4,039) उत्तर प्रदेश में हुई हैं (17.2 प्रतिशत)। कुल ऐसी दुर्घटनाओं और ट्रकों, लॉरी, मिनी ट्रक दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में मौतें (14,622 में से 3,423) मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए, जो कि 23.4 प्रतिशत है।
उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बसों के कारण होने वाली कुल घातक सड़क दुर्घटनाओं में से क्रमश: 28.9 प्रतिशत (4,622 में से 1,337) और 11.9 प्रतिशत (4,622 में से 551) दर्ज की गईं। बिहार में वर्ष 2021 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 14.8 प्रतिशत (18,936 में से 2,796) पैदल चलने वालों की मौत हुई।
एसयूवी, कार, जीप दुर्घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में मौतें (23,531 में से 4,039) उत्तर प्रदेश में हुई हैं (17.2 प्रतिशत)। कुल ऐसी दुर्घटनाओं और ट्रकों, लॉरी, मिनी ट्रक दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में मौतें (14,622 में से 3,423) मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए, जो कि 23.4 प्रतिशत है।
उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बसों के कारण होने वाली कुल घातक सड़क दुर्घटनाओं में से क्रमश: 28.9 प्रतिशत (4,622 में से 1,337) और 11.9 प्रतिशत (4,622 में से 551) दर्ज की गईं। बिहार में वर्ष 2021 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 14.8 प्रतिशत (18,936 में से 2,796) पैदल चलने वालों की मौत हुई।
क्षतिग्रस्त कार और आसपास खड़े ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
किस महीने सबसे ज्यादा हादसे
'सड़क दुर्घटनाओं' के महीने-वार आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी के महीने में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जो कि कुल सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत के योगदान के साथ 40,235 मामले थे।
'सड़क दुर्घटनाओं' के महीने-वार आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी के महीने में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जो कि कुल सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत के योगदान के साथ 40,235 मामले थे।
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bike accident
- फोटो : For Reference Only
दिन के किस समय हुई सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं
अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ (4,03,116 मामलों में से 81,410) शाम 6 बजे से रात 9 के दौरान दर्ज की गईं, जो कुल सड़क दुर्घटनाओं का 20.2 प्रतिशत है।
शाम 6 बजे से रात 9 बजे के दौरान, अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं तमिलनाडु (14,415 मामले), मध्य प्रदेश (9,798 मामले) और केरल (6,765 मामले) में दर्ज की गईं।
2021 के दौरान कुल सड़क दुर्घटनाएं, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे की अवधि और दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक क्रमश: 17.8 प्रतिशत (71,711 मामले) और 15.5 प्रतिशत (62,587 मामले) दर्ज किए गए।
अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ (4,03,116 मामलों में से 81,410) शाम 6 बजे से रात 9 के दौरान दर्ज की गईं, जो कुल सड़क दुर्घटनाओं का 20.2 प्रतिशत है।
शाम 6 बजे से रात 9 बजे के दौरान, अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं तमिलनाडु (14,415 मामले), मध्य प्रदेश (9,798 मामले) और केरल (6,765 मामले) में दर्ज की गईं।
2021 के दौरान कुल सड़क दुर्घटनाएं, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे की अवधि और दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक क्रमश: 17.8 प्रतिशत (71,711 मामले) और 15.5 प्रतिशत (62,587 मामले) दर्ज किए गए।
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हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
किस सड़क पर कितने हादसे
सड़क वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग जिनकी कुल सड़क लंबाई में सिर्फ 2.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी है (63.9 लाख किमी में से 1.33 लाख किमी) सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं, जो कुल सड़क दुर्घटनाओं में 30.3 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
कुल सड़क लंबाई में 2.9 प्रतिशत (1.87 लाख किमी) की हिस्सेदारी वाले राज्य राजमार्गों ने देश में 23.9 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं की सूचना दी है।
सड़क वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग जिनकी कुल सड़क लंबाई में सिर्फ 2.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी है (63.9 लाख किमी में से 1.33 लाख किमी) सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं, जो कुल सड़क दुर्घटनाओं में 30.3 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
कुल सड़क लंबाई में 2.9 प्रतिशत (1.87 लाख किमी) की हिस्सेदारी वाले राज्य राजमार्गों ने देश में 23.9 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं की सूचना दी है।