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Toll Plaza: टोल प्लाजा पर लगेगा ऑटोमैटिक जुर्माना सिस्टम, अब बगैर वैध दस्तावेजों के चलना पड़ेगा महंगा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 30 Apr 2025 07:28 PM IST
सार
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) अब टोल प्लाजा पर एक ऐसा स्मार्ट सिस्टम लगाने की योजना बना रही है जो बिना किसी इंसानी दखल के खुद-ब-खुद गाड़ी की जांच कर सकेगा और जुर्माना भी खुद ही लगा देगा।
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टोल प्लाजा
- फोटो : संवाद
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) अब टोल प्लाजा पर एक ऐसा स्मार्ट सिस्टम लगाने की योजना बना रही है जो बिना किसी इंसानी दखल के खुद-ब-खुद गाड़ी की जांच कर सकेगा और जुर्माना भी खुद ही लगा देगा। पहले चरण में ये सिस्टम राजस्थान के कुछ खास टोल प्लाजा पर लगाया जाएगा। और बाद में इसे स्टेट हाईवे और शहरों की सड़कों पर भी लागू करने की योजना है।
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टोल प्लाजा
- फोटो : अमर उजाला
किन जगहों पर सबसे पहले शुरू होगा सिस्टम?
एनएचएआई के एक अधिकारी के मुताबिक, शुरुआत में यह सिस्टम सात टोल प्लाजा पर लागू किया जाएगा। इनमें NH-52, कुचामन-कोटपुतली स्टेट हाईवे और झुंझुनूं रोड शामिल हैं। इन जगहों पर गुजरने वाली गाड़ियों की जांच अब हाई-रेजोलूशन कैमरा और सॉफ्टवेयर से होगी।
यह भी पढ़ें - EV Policy: महाराष्ट्र में नई ईवी पॉलिसी को मंजूरी, इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बड़ा फायदा, अब टोल टैक्स से भी छूट
एनएचएआई के एक अधिकारी के मुताबिक, शुरुआत में यह सिस्टम सात टोल प्लाजा पर लागू किया जाएगा। इनमें NH-52, कुचामन-कोटपुतली स्टेट हाईवे और झुंझुनूं रोड शामिल हैं। इन जगहों पर गुजरने वाली गाड़ियों की जांच अब हाई-रेजोलूशन कैमरा और सॉफ्टवेयर से होगी।
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टोल प्लाजा
- फोटो : संवाद
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
जब भी कोई गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरेगी, तो वहां लगे कैमरे उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। इसके बाद एक खास सॉफ्टवेयर उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन डेटा जांचेगा और यह देखेगा कि गाड़ी का इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) और रजिस्ट्रेशन वैध है या नहीं। अगर कोई भी दस्तावेज एक्सपायर हुआ या गायब पाया गया, तो उसी वक्त ऑटोमैटिक जुर्माना लगेगा और वाहन मालिक को एसएमएस के जरिए इसकी जानकारी भी मिल जाएगी।
यह भी पढ़ें - Recall: स्कोडा और फॉक्सवैगन ने भारत में 47,000 से ज्यादा गाड़ियां वापस मंगवाईं, वाहनों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला
जब भी कोई गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरेगी, तो वहां लगे कैमरे उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। इसके बाद एक खास सॉफ्टवेयर उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन डेटा जांचेगा और यह देखेगा कि गाड़ी का इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) और रजिस्ट्रेशन वैध है या नहीं। अगर कोई भी दस्तावेज एक्सपायर हुआ या गायब पाया गया, तो उसी वक्त ऑटोमैटिक जुर्माना लगेगा और वाहन मालिक को एसएमएस के जरिए इसकी जानकारी भी मिल जाएगी।
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टोल प्लाजा
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल नंबर अपडेट करना भी जरूरी होगा
जयपुर के एक आरटीओ अधिकारी ने बताया कि सरकार अब एक अभियान भी चलाने जा रही है जिसमें वाहन मालिकों से कहा जाएगा कि वे अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में सही मोबाइल नंबर अपडेट करें। यह काम या तो वाहन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है। या फिर सीधे आरटीओ ऑफिस जाकर किया जा सकता है। ये सभी डेटा केंद्र सरकार के वाहन पोर्टल और लोकल आरटीओ डाटाबेस से जुड़ा रहेगा।
यह भी पढ़ें - EV: इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से भारत तेल आयात बिल पर बचा सकता है 9.17 लाख करोड़ रुपये! प्रदूषण होगा कम, रिपोर्ट में दावा
जयपुर के एक आरटीओ अधिकारी ने बताया कि सरकार अब एक अभियान भी चलाने जा रही है जिसमें वाहन मालिकों से कहा जाएगा कि वे अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में सही मोबाइल नंबर अपडेट करें। यह काम या तो वाहन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है। या फिर सीधे आरटीओ ऑफिस जाकर किया जा सकता है। ये सभी डेटा केंद्र सरकार के वाहन पोर्टल और लोकल आरटीओ डाटाबेस से जुड़ा रहेगा।
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टोल प्लाजा
- फोटो : संवाद
नियम तोड़ने वालों पर सख्ती और राजस्व में बढ़ोतरी
इस नई तकनीक का मकसद सिर्फ नियमों को सख्ती से लागू करना ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक विभाग की कमाई को भी बढ़ाना है। एक ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस सिस्टम के जरिए न सिर्फ पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और फिटनेस जैसे दस्तावेजों की वैधता चेक की जाएगी। बल्कि गाड़ी के ओवरलोड होने जैसी बातों पर भी नजर रखी जा सकेगी। यह पूरा सिस्टम मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट 2019 के तहत लागू किया जा रहा है।
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