बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार मैदान में नए और युवा चेहरे देखने को मिल रहे हैं। ऐसी ही एक उम्मीदवार हैं रितु जायसवाल। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक लोकप्रिय महिला मुखिया रितु जायसवाल को सीतामढ़ी जिले के परिहार विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया है। आईएएस की पत्नी रितु ने अध्यापक की नौकरी छोड़कर जनसेवा शुरू की।
बिहार चुनाव: कार कीचड़ में फंसी तो करनी पड़ी बैलगाड़ी की सवारी, अब आईएएस की पत्नी ने थामी 'लालटेन'
नौकरी छोड़ समाजसेवा में जुटीं
राजद द्वारा टिकट दिए जाने के बाद अब रितु जायसवाल विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर चुकी हैं। रितु जायसवाल के पति 1995 बैच के आईएएस (अलायड) अरुण कुमार हैं। दिल्ली के एक पब्लिक स्कूल की नौकरी छोड़ने और अपने आईएएस पति के साथ आरामदायक जीवन को छोड़कर रितु जायसवाल समाजसेवा करने के काम में जुटी हुई हैं।
इस घटना ने बदली जिंदगी
शादी के 15 साल तक जहां भी रितु के पति की पोस्टिंग होती थी, वह साथ जाती थीं। लेकिन 15 साल बाद उन्होंने अपने पति से ससुराल जाने की बात की और उनके घर के सभी लोग नरकटिया गांव जाने के लिए तैयार हो गए। तभी रास्ते में गांव पहुंचने से कुछ दूरी पर उनकी कार कीचड़ में फंस गई। जब काफी कोशिशों के बाद भी कार कीचड़ से नहीं निकली तो बैलगाड़ी पर सवार होना पड़ा। लेकिन कुछ दूर जाते ही वो भी कीचड़ में फंस गई। जिसके बाद रितु उस क्षेत्र का विकास करने के लिए प्रेरित हुईं। वह गांव का पिछड़ापन देखखर काफी परेशान हो गईं। ना तो गांव में बिजली थी और ना सड़क। रितु से ये सब देखा ना गया, और उन्होंने गांव को इस पिछड़ेपन से निकालने का ठान लिया। इसके बाद उन्होंने पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने का फैसला किया। रितु को चुनाव में जीत हासिल हुई और वह सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया बन गईं।
उपराष्ट्रपति से लेकर केंद्रीय मंत्री तक कर चुके हैं सम्मानित
कुछ ही साल बाद रितु को अपने काम के लिए देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड से सम्मानित किया। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर रितु जायसवाल को प्रतिष्ठित दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार-2019 से सम्मानित कर चुके हैं। साथ ही रितु जायसवाल सरपंच और पंचायत सचिवों के क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा चयनित बिहार के पंचायती मुखियाओं (ग्राम प्रधानों) में से एक थीं। इसके अलावा ग्राम पंचायत विकास योजना को लोगों के बीच पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा चयनित नौ पैनलिस्ट में रितु जायसवाल का भी नाम था। वहीं आईआईटी मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में रितु जायसवाल ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया था।
महिलाओं ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए किया प्रेरित
वहीं, रितु जायसवाल ने बताया कि सार्वजनिक जीवन में मेरे काम को देखकर लोग काफी प्रसन्न दिखे और फिर खासकर महिलाओं ने मुझे मुखिया का चुनाव लड़ने के लिए कहा और मैं जीत गई। आज मेरी पंचायत के हर गांव में सड़क, सोलर वाटर पंप और टंकियां हैं। साथ ही यह खुले में शौच से भी मुक्त है। इस पंचायत में हर घर में बिजली और सड़क पर लाइट की व्यवस्था है। वे कहती हैं कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी पंचायत के लोगों ने एकजुट होकर जरूरतमंदों की मदद करने में मेरा साथ दिया। मैं इसी तरह लगातार बिना थके काम करना जारी रखना चाहती हूं।
