बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 का समापन ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ हुआ। दूसरे दिन के कार्यक्रम में 423 कंपनियों के साथ कुल 1,80,898.95 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के बिहार बिजनेस कनेक्ट की तुलना में तीन गुना अधिक है। प्रमुख निवेशकों में सन पेट्रोकेमिकल्स, भारत पेट्रोलियम, एनएचपीसी, श्री सीमेंट, हल्दीराम स्नैक्स और एसएलएमजी बेवरेजेज जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं।
Bihar Business Connect 2024: बिहार में उद्योगों के साथ नौकरियों की आएगी बहार; देखिए, कितनी कंपनियां आ रहीं
Bihar News: पटना में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने राज्य में उद्योगों के साथ नौकरियों के बहार का संकेत दिया है। जितनी कंपनियों ने जिस तरह का समझौता किया है, वह सफल रहा तो आने वाले समय में बिहार पूरी तरह बदला हुआ दिखेगा।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और कॉफी टेबल बुक ‘बिहार: ए जर्नी ऑफ इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन’ के विमोचन से हुई। इस पुस्तक में बिहार सरकार की औद्योगिक विकास की योजनाओं और नीतियों का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे निवेशकों को राज्य में व्यापार स्थापित करने में सहूलियत मिलेगी।
प्रमुख निवेश और समझौते
जानकारी के मुताबिक, 423 कंपनियों के साथ हस्ताक्षरित एमओयू में खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, पर्यटन और खनन क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देंगी, बल्कि रोजगार के हजारों अवसर भी सृजित करेंगी।
प्रमुख एमओयू
- सन पेट्रोकेमिकल्स: ऊर्जा और रिफाइनरी क्षेत्र में निवेश।
- एनएचपीसी: जलविद्युत परियोजनाओं का विकास।
- भारत पेट्रोलियम: पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और भंडारण।
- श्री सीमेंट: राज्य में सीमेंट उत्पादन के लिए नई इकाइयों की स्थापना।
- हल्दीराम स्नैक्स: खाद्य प्रसंस्करण इकाई का विस्तार।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संदेश
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संदेश पढ़ा, जिसमें उन्होंने कहा कि बिहार विकास की नई ऊंचाईयों को छू रहा है। हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव मदद प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एमओयू राज्य को औद्योगिक हब बनाने के हमारे सपने को साकार करेगा।
‘पिछले दो दशकों में देखा सकारात्मक बदलाव’
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार का समृद्ध इतिहास और यहां की उर्वर भूमि उद्योगों के लिए उपयुक्त है। हमने पिछले दो दशकों में सकारात्मक बदलाव देखा है। खाद्य प्रसंस्करण और खनिज संसाधन के अलावा, हम फिल्म सिटी के विकास पर भी जोर दे रहे हैं।
वहीं, उद्योग-सह-पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार ने नकारात्मक विकास दर से सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाया है। यह एमओयू युवाओं को रोजगार देगा और बिहार को औद्योगिक राज्य के रूप में स्थापित करेगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेशकों का भरोसा
उद्योग विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने बताया कि बिहार सरकार निवेशकों के लिए नीतिगत सुधार और सुविधाओं में लगातार सुधार कर रही है। कार्यक्रम में मिले सुझावों पर काम करते हुए निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित सीईओ राउंडटेबल में उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के अधिकारियों ने बिहार के औद्योगिक और आर्थिक विकास पर चर्चा की। इस संवाद ने नीतिगत सुधारों और निवेशकों की जरूरतों को समझने में मदद की। वहीं, कार्यक्रम का समापन उद्योग विभाग के निदेशक आलोक रंजन घोष के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने निवेशकों, उद्यमियों और मीडिया का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।