Mysterious Island: दुनिया में कई रहस्यमयी जनजाति रहती हैं। इन जनजातियां की अपनी परंपरा, रहन-सहन और खान-पान है जिसके लिए ये हमेशा चर्चा में रहती हैं। दुनिया में रहने वाली आदिवासी प्रजातियां आज भी हजारों साल पुरानी परंपराओं का पालन करती हैं। ये जनजातियां जिन जंगलों में रहती हैं उन पर इनका पूरा अधिकार होता है। वहां की सरकारें भी इन प्रजातियों के अधिकारों में दखल नहीं देती हैं। भारत में भी 30 हजार पुराना कबीला है जिसकी रहस्यमयी परंपराएं दुनियाभर के लिए एक रहस्य है।
Mysterious Island: भारत में मौजूद है 30 हजार साल पुराना कबीला, जानिए इस रहस्यमयी जनजाति के बारे में
नहीं लागू होता है भारतीय कानून
बताया जाता है कि इस आईलैंड पर अपना नियम और कानून है। भारत में होने बावजूद यहां पर कोई भारत का कानून नहीं है। इस आईलैंड पर रहने वाले लोग न ही बाहर आते हैं और न ही वहां पर किसी बाहर के व्यक्ति को जाने की अनुमति है।
वैज्ञानिकों की रिसर्च और कार्बन डेटिंग के अनुसार, इन द्वीपों पर 2,000 साल से भी ज्यादा समय से सेंटिनली जनजाति के लोग रह रहे हैं। जीनोम के अध्ययन में बताया गया है कि यह भी हो सकता है कि ये जनजाति 30 हजार साल पहले भी अंडमान द्वीप पर निवास करती हो। यहां पर रहने वाली जनजाति सेंटिनलीज भाषा बोलती है बकि यह लोग अभी भी पाषाण काल के सामानों का इस्तेमाल करते हैं। यह सिर्फ हथियारों में ही धातु का इस्तेमाल करते हैं।
रहस्यमयी आईलैंड
बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान द्वीप का ये छोटा सा इलाका है। यह रहस्यमयी द्वीप के चारों तरफ समुद्र और सिर्फ जगंल है। दक्षिण अंडमान प्रशासनिक जिले के अंतर्गत यह पूरा क्षेत्र आता है। निग्रिटो (अश्वेत तथा छोटे कद वाले) समुदाय के लोग यहां पर रहते हैं। बाहरी लोगों को यहां पर रहने वाले आदिवासी अपना दुश्मन मानते हैं। शोधकर्त्ताओं का कहना है कि शारीरिक बनावट और भाषा के आधार पर जारवा समुदाय से इन लोगों को जुड़ाव है।
साल 2004 में आई सुनामी के दौरान सेंटिनली जनजाति बिना किसी मदद के सुरक्षित रही। भारत सरकार की तरफ से इस पूरे इलाके को संरक्षित घोषित किया गया है। यह इलाका आदिवासियों के लिए रिजर्व है। इस क्षेत्र में प्राधिकरण के अधिकारियों अलावा कोई भी नहीं जा सकता है।