सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर को शेयर करने से पहले इसकी सच्चाई जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है। वरना कहीं ऐसा न हो कि आप किसी मुसीबत में पड़ जाएं। धार्मिक उन्माद के नाम पर सोशल मीडिया पर कई तरह का भ्रम फैलाया जाता है इसलिए कुछ भी शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जानना आपके लिए बहुत जरूरी है।
सोशल मीडिया पर ये तस्वीर शेयर करने से पहले जान लें सच्चाई, तस्वीर के साथ लिखा है खतरनाक संदेश
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर कर्नाटक में मस्जिद को तोड़ने पर मंदिर निकला है की एक तस्वीर के साथ मैसेज तेजी से शेयर किया जा रहा है। मैसेज में लिखा है कि जब कर्नाटक के रायचुर में सड़क को चौड़ा करने के लिए मस्जिद को तोड़ा गया तो उन्हें यह मंदिर मिला, हम सभी को मस्जिदों को तोड़ने की जरूरत है। यह तस्वीर @umagarghi नाम के ट्विटर हैंडल से 11 नवंबर को शेयर की गई थी, जिसे 2,5,22 बार से भी ज्यादा बार रीट्वीट भी किया गया है।
— uma Garghi (@umagarghi) November 11, 2018
इस वायरल तस्वीर में खंडहर नुमा दीवार पर देवी प्रतिमा दिखाई दे रही है, उसके सामने सीढ़ियां हैं और कुछ लोग भी खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि रायचुर में सड़क चौड़ा करने के लिए जब मस्जिद को तोडा गया तो उसमें पुराना मंदिर निकला।
इस वायरल तस्वीर के निचले हिस्से पर चंद्रा कलरिस्ट का लोगो देखा जा सकता है। इससे लग रहा है कि ये तस्वीर किसी कलाकार की रचना हो सकती है। सोशल मीडिया के फेसबुक प्लेटफॉर्म में जब चंद्रा कलरिस्ट का अकाउंट खोजा तो पता चला कि उन्होंने 8 मई, 2016 को वही तस्वीर पोस्ट की थी। मंदिर के स्थान के बारे में अपनी पोस्ट के कमेंट में पूछे गए एक प्रश्न का कलाकार ने जवाब दिया था कि यह उनकी डिजिटल कलाकारी थी। इसलिए, वो तस्वीर जिसके बारे में दावा प्रसारित किया जा रहा है कि यह एक मस्जिद तोड़ने पर मिला मंदिर है, वास्तव में एक कलाकार का डिजिटल कलाकारी है।
गूगल पर इस तस्वीर की रिवर्स खोज की गई तो 12 अप्रैल, 2016 को मेईकियानबाओ की खींची गई एक तस्वीर मिली। कहा जा रहा है कि हो सकता है चंद्रा ने उसी पर अपनी डिजिटल रचना बनाई। दोनों तस्वीरों की सावधानीपूर्वक जांच की जाए, तो चंद्रा द्वारा बनाई गई उपरोक्त तस्वीर की कई विशेषताएं नीचे दी गई तस्वीर में भी देखी जा सकती हैं। गूगल पर ये तस्वीर चीन के हेनान में लुओयांग के बौद्ध मंदिर की बताई गई। लिहाजा डिजिटल कलाकारी है, वहीं इसके साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह निराधार (फेक) है।