पूरे पंजाब में कोरोना वायरस के मद्देनजर बेहद सादगी से ईद मनाई गई। लुधियाना स्थित एतिहासिक जामा मस्जिद में सोमवार को शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने सामाजिक दूरी के साथ ईद उल फितर की नमाज अदा करवाई। मुस्लिम भाईचारे को ईद की मुबारकबाद देने के लिए विशेष रूप से लुधियाना के डीसीपी (हेडक्वाटर) अखिल चौधरी, डीसीपी (कानून-व्यवस्था) अश्वनी कपूर, एडीसीपी सचिन गुप्ता, एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह, गुलाम हसन कैसर, शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम, जामा मस्जिद पहुंचे।
लॉकडाउन के बीच पंजाब में ऐसे मनाई गई ईद, सोशल डिस्टेंस के साथ अदा की नमाज, देखें तस्वीरें
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शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा की ईद का दिन रोजेदार के लिए अल्लाह का इनाम है, इस दिन नाराजगियां दूर करके मुहब्बतें बांटी जाती हैं। शाही इमाम ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच रमजान शरीफ में मुसलमानों ने रोजा रखकर देश भर में मजदूरों को खाना, पानी देकर अपनी इबादत को पूरा कर लिया है। यह नेकी का काम है, जारी रहना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि यह ईद बड़ी मुबारक है उन लोगों के लिए जिन्होंने इस ईद पर नए कपड़े न बनवा कर वह पैसे जरूरतमंदों को दिए है। पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने मुसलमान भाईचारे को अपने ईद के संदेश में बधाई देते हुए कहा कि लॉकडाउन में शहर के रोजेदार भाइयों ने प्रशासन का साथ देकर नेकी का परिचय दिया है।
नहीं खुले अटारी-वाघा के गेट
कोरोना के कारण अटारी सीमा पर होने वाला ध्वजारोहण समारोह लगभग दो महीने से बंद है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित गेट लोगों की आवाजाही के लिए भी बंद हैं। यह गेट ईद के मौके पर भी नहीं खुले। न तो पाकिस्तानी रेंजर बीएसएफ को ईद की मुबारकबाद और मिठाई देने पहुंचे और न ही बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजरों को मिठाई और ईद मुबारक दी। बीएसएफ ने बांग्लादेश की सीमा पर तैनात बांग्लादेश गार्ड के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान किया है।
जालंधर में भी कोरोना वायरस संकट के कारण ईद पर ईदगाह व मस्जिदें सुनसान रही। मुस्लिम भाईचारे के लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की। ईद की नमाज अदा करने के लिए कई जगहों पर ऑनलाइन नमाज पढ़ने का इंतजाम भी किया गया था। वहीं, घर में ही मीठी सेवइयां तैयार करके एक-दूसरे को उपहार के रूप में भेंट की। मुस्लिम भाईचारे के कई परिवारों ने एक साथ मिलकर घरों के अंदर नमाज अदा करने का इंतजाम भी किया था। ईद-उल-फितर की सबसे अहम रस्म नमाज अदा करने के बाद जरूरतमंदों की सेवा करने के लिए मुस्लिम भाईचारे के सदस्यों ने गरीबों को राशन वितरित किया।
साहित्यकार व लेखक मेहर मलिक ने कहा कि ईद का पवित्र त्यौहार आपसी एकता भाईचारे का प्रतीक है, जो हमारे मुल्क की गंगा-जमुना तहजीब को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि इस बार नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम भाईचारे ने प्रशासन को पूरा सहयोग दिया और इसी कारण भाईचारे के लोगों ने घरों में तो कई स्थानों पर ऑनलाइन होकर नमाज अदा की गई। मुक्तसर में भी मुस्लिम भाईचारे ने अपने-अपने घरों में ईद की नमाज अदा की। साथ ही कोरोना संकट को खत्म करने के लिए अल्लाह से दुआ मांगी।