फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

निष्फल नहीं जाती गुप्त नवरात्र में की गई साधना, राशि अनुसार करें शिव-पार्वती की पूजा, प्रसन्न होंगे

Sat, 06 Jul 2019 03:36 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 06 Jul 2019 03:36 PM IST
विज्ञापन
Gupt Navratri, lord shiva and goddess parvati
फाइल फोटो
गुप्त नवरात्र में की गई साधना कभी निष्फल नहीं होती। ऐसे में अगर आप अपनी राशि के अनुसार शिव और पार्वती की पूजा करेंगे तो निश्चित ही शुभ फल मिलेगा।
Gupt Navratri, lord shiva and goddess parvati
फाइल फोटो
गुप्त नवरात्र दस महाविद्याओं के होते हैं। यदि कोई इन महाविद्याओं के रूप में शक्ति की उपासना करे तो उसका जीवन धन-धान्य, राज्य सत्ता से भर जाता है। गुप्त नवरात्र में की गई मंत्र साधना कभी निष्फल नहीं जाती। इस बार गुप्त नवरात्र 12 जुलाई तक रहेगी। मानव के समस्त रोग-दोष व कष्टों के निवारण के लिए गुप्त नवरात्र से बढ़कर कोई साधना काल नहीं है।
Gupt Navratri, lord shiva and goddess parvati
फाइल फोटो
श्री, वर्चस्व, आयु, आरोग्य और धन प्राप्ति के साथ ही शत्रु संहार के लिए गुप्त नवरात्र में अनेक प्रकार के अनुष्ठान और व्रत-उपवास के विधान शास्त्रों में मिलते हैं। यह कहना है श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा के महंत संपूर्णानंद ब्रह्मचारी का। उन्होंने कहा कि शिव संहिता के अनुसार, ये नवरात्र भगवान शंकर और आदि शक्ति मां पार्वती की उपासना के लिए भी श्रेष्ठ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Gupt Navratri, lord shiva and goddess parvati
फाइल फोटो
गुप्त नवरात्रों में लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए अनेक प्रकार के उपवास, संयम, नियम, भजन, पूजन, योग साधना आदि करते हैं। महंत संपूर्णानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि सभी नवरात्रों में माता के 51 पीठों पर भक्त विशेष रूप से दर्शन के लिए एकत्र होते हैं। माघ और आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तक की नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहते हैं।
विज्ञापन
Gupt Navratri, lord shiva and goddess parvati
फाइल फोटो
प्रत्यक्ष फल देते हैं गुप्त नवरात्र
महंत संपूर्णानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की साधना कर ऋषि विश्वामित्र अद्भुत शक्तियों के स्वामी बन गए थे। उनकी सिद्धियों की प्रबलता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक नई सृष्टि की रचना तक कर डाली थी। गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या (तंत्र साधना) के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed