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हरियाणा विस चुनावः ये हैं मनोहर लाल के 7 दिग्गज मंत्री, जिन्हें मिली करारी मात, एक ने बचाई लाज
Fri, 25 Oct 2019 09:10 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 25 Oct 2019 09:10 AM IST
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मनोहर लाल के दिग्गज मंत्री हारे
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 की मतगणना में ऐसा उलटफेर हुआ कि मनोहर लाल सरकार के दिग्गज मंत्री हार गए, सिर्फ एक मंत्री ने खट्टर की लाज बचाई, जानिए कौन...
कविता जैन
कविता का हैट्रिक लगाने का सपना टूटा
कैबिनेट मंत्री कविता जैन तीसरी बार विधानसभा में पहुंचने को लेकर आश्वस्त थीं, लेकिल सुरेंद्र पंवार की रणनीति ने उनका हैट्रिक लगाने का सपना तोड़ दिया। जनता की नाराजगी कविता जैन पर भारी पड़ गई और 32878 मतों की जीत के साथ कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार के सिर पर जीत का सेहरा बंध गया। इस तरह प्रदेश सरकार में अकेली महिला मंत्री रही कविता जैन जीत की हैट्रिक बनाने से चूक गईं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सुरेंद्र पंवार पहली बार विधायक बने। कविता जैन ने 10 साल पहले इस सीट को कांग्रेस से छीना था तो अब कांग्रेस ने फिर से इसे हासिल कर लिया है। सोनीपत शहर में समस्याओं का अंबार लगा होने के बावजूद उनका समाधान नहीं होने के साथ ही आम जनता की सुनवाई नहीं होना कविता जैन को भारी पड़ा है।
कैबिनेट मंत्री कविता जैन तीसरी बार विधानसभा में पहुंचने को लेकर आश्वस्त थीं, लेकिल सुरेंद्र पंवार की रणनीति ने उनका हैट्रिक लगाने का सपना तोड़ दिया। जनता की नाराजगी कविता जैन पर भारी पड़ गई और 32878 मतों की जीत के साथ कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार के सिर पर जीत का सेहरा बंध गया। इस तरह प्रदेश सरकार में अकेली महिला मंत्री रही कविता जैन जीत की हैट्रिक बनाने से चूक गईं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सुरेंद्र पंवार पहली बार विधायक बने। कविता जैन ने 10 साल पहले इस सीट को कांग्रेस से छीना था तो अब कांग्रेस ने फिर से इसे हासिल कर लिया है। सोनीपत शहर में समस्याओं का अंबार लगा होने के बावजूद उनका समाधान नहीं होने के साथ ही आम जनता की सुनवाई नहीं होना कविता जैन को भारी पड़ा है।
कैप्टन अभिमन्यु
नारनौंद विधानसभा- कैप्टन अभिमन्यु
नारनौंद विधानसभा से कैप्टन अभिमन्यु हार गए हैं। कैप्टन अभिमन्यु जिस नारनौंद को अपना घर बताते पिछले पांच से विकास कार्यों की दुहाई दे रहे थे, उसी हलके के उनके अपने लोगों ने उन्हें न केवल हार का मजा चखाया, बल्कि करारी हार झेलने को मजबूर कर दिया। यह आलम तब है, जब कैप्टन के लिए सनी देओल जैसी फिल्मी हस्ती और मुख्यमंत्री से लेकर अनेक केंद्रीय नेताओं ने प्रचार किया। दूसरी ओर रामकुमार गौतम के लिए जजपा नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला, नैना चौटाला और दिग्विजय चुनाव प्रचार के लिए आए थे। बता दें कैप्टन को इस बार 61406 वोट मिले, जबकि जेजेपी के रामकुमार गौतम को 73435 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार जेजेपी के रामकुमार गौतम 12029 वोटों से जीत गए।
नारनौंद विधानसभा से कैप्टन अभिमन्यु हार गए हैं। कैप्टन अभिमन्यु जिस नारनौंद को अपना घर बताते पिछले पांच से विकास कार्यों की दुहाई दे रहे थे, उसी हलके के उनके अपने लोगों ने उन्हें न केवल हार का मजा चखाया, बल्कि करारी हार झेलने को मजबूर कर दिया। यह आलम तब है, जब कैप्टन के लिए सनी देओल जैसी फिल्मी हस्ती और मुख्यमंत्री से लेकर अनेक केंद्रीय नेताओं ने प्रचार किया। दूसरी ओर रामकुमार गौतम के लिए जजपा नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला, नैना चौटाला और दिग्विजय चुनाव प्रचार के लिए आए थे। बता दें कैप्टन को इस बार 61406 वोट मिले, जबकि जेजेपी के रामकुमार गौतम को 73435 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार जेजेपी के रामकुमार गौतम 12029 वोटों से जीत गए।
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रामबिलास शर्मा
महेंद्रगढ़ विधानसभाः रामबिलास शर्मा
राजस्थान बार्डर पर स्थित महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी रामबिलास शर्मा हार गए हैं। रामबिलास, मनोहर सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में इनकी हार से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। राम बिलास का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह से था। दोनों सातवीं बार आमने-सामने थे। दोनों के बीच छह बार हुए मुकाबले में दोनों तीन-तीन बार विधायक रहे। वैसे महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से अब तक रामबिलास शर्मा पांच बार, जबकि राव दान सिंह तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। इस सीट पर हमेशा भाजपा व कांग्रेस के बीच ही मुकाबला रहा है।
राजस्थान बार्डर पर स्थित महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी रामबिलास शर्मा हार गए हैं। रामबिलास, मनोहर सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में इनकी हार से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। राम बिलास का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह से था। दोनों सातवीं बार आमने-सामने थे। दोनों के बीच छह बार हुए मुकाबले में दोनों तीन-तीन बार विधायक रहे। वैसे महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से अब तक रामबिलास शर्मा पांच बार, जबकि राव दान सिंह तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। इस सीट पर हमेशा भाजपा व कांग्रेस के बीच ही मुकाबला रहा है।
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ओम प्रकाश धनखड़
बादली विधानसभाः ओम प्रकाश धनखड़
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के चुनाव मैदान में उतरने से बादली विधानसभा सीट प्रदेश की हॉट सीटों में एक रही, लेकिन धनखड़ हार गए। धनखड़ के पक्ष में भाजपा सांसद व एक्टर सनी देओल ने प्रचार भी किया था, लेकिन वे जीत नहीं सके। भाजपा उम्मीदवार ओपी धनखड़ 2014 में यहां से विधायक चुने गए थे और इस समय वे मनोहर सरकार में मंत्री थे। करीब 11 हजार वोट से उन्होंने निर्दलीय कुलदीप वत्स पर जीत दर्ज की थी। कुलदीप वत्स को इस बार कांग्रेस ने मैदान में उतारा। मुकाबला यहां पर पहले ही आमने-सामने का लग रहा था, लेकिन जजपा के संजय कबलाना ने सभी समीकरण बिगाड़ कर मुकाबला को तिकोना कर दिया।
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के चुनाव मैदान में उतरने से बादली विधानसभा सीट प्रदेश की हॉट सीटों में एक रही, लेकिन धनखड़ हार गए। धनखड़ के पक्ष में भाजपा सांसद व एक्टर सनी देओल ने प्रचार भी किया था, लेकिन वे जीत नहीं सके। भाजपा उम्मीदवार ओपी धनखड़ 2014 में यहां से विधायक चुने गए थे और इस समय वे मनोहर सरकार में मंत्री थे। करीब 11 हजार वोट से उन्होंने निर्दलीय कुलदीप वत्स पर जीत दर्ज की थी। कुलदीप वत्स को इस बार कांग्रेस ने मैदान में उतारा। मुकाबला यहां पर पहले ही आमने-सामने का लग रहा था, लेकिन जजपा के संजय कबलाना ने सभी समीकरण बिगाड़ कर मुकाबला को तिकोना कर दिया।