गृहमंत्री अनिल विज के सामने उस समय लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में हंगामा हो गया, जब विज एजेंडे में शामिल 14 शिकायतों से आगे अव्यवस्था के चलते पब्लिक की शिकायत नहीं सुने सके। सैकड़ों लोगों की शिकायत बिना सुने लेने के बाद जब विज बाहर जाने लगे तो फरियाद लेकर आईं कई महिलाएं रोने लगीं। विज ने अव्यवस्था के लिए न केवल एसपी को खरी खोटी सुनाई, बल्कि हिदायत दी कि इस तरह की आगे अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। डीसी को कहा कि सभी लोगों की शिकायत एक रजिस्टर में दर्ज करें। साथ ही संबंधित व्यक्ति को बताएं कि उनकी जांच कौन सा विभाग कर रहा है।
तस्वीरें: गृहमंत्री अनिल विज के सामने फूट-फूटकर रोने लगी महिलाएं, पढ़ें क्या है पूरा मामला
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अगले माह जब वे आएंगे, तक संबंधित विभाग के अधिकारी से जवाब मांगेंगे। इससे पहले विज ने फर्जी शपथपत्र के आरोप की जांच न करने पर जिम्मेदार पुलिस कर्मी को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही महम विधायक बलराज कुंडू की पीजीआईएमएस और शहरी निकाय विभाग को जांच के आदेश दिए। गृहमंत्री अनिल विज अपनी कार्यशैली व इंसाफ के तरीके से दबंग अंदाज रखते हैं। ऐसे में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में 14 एजेंडे शामिल किए गए थे, लेकिन सैकड़ों लोग न्याय की उम्मीद में मीटिंग के अंदर 12 बजे से पहले ही पहुंच गए। करीब एक बजे पहुंचे गृहमंत्री ने सबसे पहले एजेंडे में शामिल शिकायतें सुनीं और उनका निपटारा किया।
ईपीएफ जमा न कराने पर बोले विज- डायरेक्टर साहब आपकी कमेटी गठित होती रहेगी, पहले एफआईआर कराओ
पीजीआईएमएस में निजी एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों ने लिखित शिकायत दी थी कि संबंधित एजेंसी न केवल उनको 12 हजार की जगह 9 हजार न्यूनतम वेतन देती है, बल्कि ईपीएफ भी जमा नहीं करवाया जा रहा है। मीटिंग में आए पीजीआईएमएस के डायरेक्टर रोहताश यादव ने गृहमंत्री अनिल विज को बताया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। इसके लिए कमेटी गठित की है। विज ने कहा कि, आप अपनी कमेटी गठित करते रहें। पहले निजी एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाओ। अगली मीटिंग में रिपोर्ट दें।
एमडीयू के खेल विभाग की चयन प्रक्रिया की होगी जांच
बेसवाल की खिलाड़ी पायल ने कमेटी को शिकायत दी थी कि टीम का चयन करते समय भेदभाव किया जाता है। न ही उनको पूरी डाइट मिलती है। कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए जाते हैं। एमडीयू के खेल निदेशक देवेंद्र ढुल ने मीटिंग में मंत्री को बताया कि ऐसा नहीं है, जो टीम गठित की गई वह मेडल लेकर आई है। विज ने कहा कि, बड़े शर्म की बात है कि खिलाड़ियों को जिला कष्ट निवारण कमेटी की मीटिंग में आना पड़ रहा है। विज ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जो एमडीयू के खेल विभाग की चयन प्रक्रिया की रिपोर्ट अगली मीटिंग में देगी।
ओमैक्स सिटी की बैंक गारंटी लेकर सुविधाएं दे नगर निगम
लंबे समय से चल रहा ओमेक्स सिटी का विवाद शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में भी गूंजा। ओमैक्स सिटी के निवासियों ने कहा कि, बिल्डर उनको सुविधाएं नहीं दे रहा। विज ने इस संबंध में नगर योजनाकार विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। अधिकारियों ने कहा कि, बिल्डर लोगों से सुविधाओं के नाम पर राशि ले सकता है।
इस पर मीटिंग में हंगामा हो गया। महम विधायक ने कहा कि वह भी ओमैक्स सिटी के निवासी हैं। अधिकारी बिल्डर को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। विज ने मामले को लेकर डीसी को कमेटी गठित करकर यह बताने की हिदायत दी कि कैसे ओमैक्स सिटी को निगम में शामिल किया जाए। साथ ही बिल्डर की बैंक गारंटी राशि से लोगों को सुविधाएं दी जाएं। अगली मीटिंग में पूरी रिपोर्ट मांगी है। वहीं, ओमैक्स सिटी निवासी मदन सिंह ने शिकायत दी थी कि बिजली निगम उनसे ज्यादा दर पर बिजली बिल वसूल रहा है। जब एक्सईएन से विज ने जवाब मांगा तो उसने कहा कि शिकायतकर्ता अपने रिश्तेदार के घर रहता है। विज ने बिजली निगम के अधिकारी को हड़काया। क्या कोई रिश्तेदार के घर रहता है तो उसको सुविधाएं नहीं देंगे।