एक सनकी पिता की खौफनाक साजिश का जैसे ही खुलासा हुआ पूरे गांव के होश उड़ गए। यह सनकी पिता अपने ही पांच बच्चों को एक-एक कर मौत के घाट उतार चुका है। आठ सालों में आरोपी ने सभी बच्चों की अपनी प्लानिंग के हिसाब से हत्या की। किसी को जहर खिलाया तो किसी का गला दबाया और किसी को नहर में फेंका। मामला हरियाणा के जींद का है। यहां के गांव डिडवाड़ा में अपने ही पांच बच्चों ही हत्या करने वाले जुम्मादीन को लोग मानसिक रोगी समझते रहे लेकिन वह पुलिस को भी गुमराह करने में शातिर निकला। वह पुलिस की मार पड़ने पर भी बार-बार अपना बयान बदलता रहा है। कोर्ट ने जुम्मा से पांच बच्चों की हत्या का कारण जानने के लिए उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है लेकिन जो बातें उसने पुलिस को रिमांड के दौरान नहीं बताई उसने उसे मस्जिद में मौलवी के सामने उगल दी।
तस्वीरें: हत्यारे पिता की खौफनाक सनक, आठ साल में पांच बच्चों को चुन-चुनकर मारा, वजह हैरान कर देगी
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रविवार को पुलिस द्वारा रिमांड के पहले दिन उसे मस्जिद में मौलवी के सामने ले जाया गया। बच्चों की हत्या के बाद पहली बार उसकी आंखों में आंसू आए और मौलवी के गले लगकर फूट-फूटकर रोया। इसके बाद पुलिस द्वारा पूछे जाने पर उसने कुबूल लिया कि वह अपनी 24 वर्षीय साली सोनिया से प्यार करता है। पांच साल पहले जब उसकी पत्नी रीना गर्भवती हुई थी तो सोनिया करीब डेढ़ माह डिडवाड़ा में रुकी थी। इस दौरान उसे साली से एकतरफा प्यार हो गया था।
हत्या से एक सप्ताह पहले दोनों बच्चियों को लाया था घर
पूछताछ के लिए सफीदों पुलिस द्वारा जुम्मा के ससुर अजमेरी, जुम्मा की साली सोनिया और साले अहसान के साथ-साथ जुम्मा की बहनों को भी बुलाया था। अमर उजाला से बात करते हुए जुम्मा की साली सोनिया व उसके भाई अहसान ने कहा कि दोनों नाबालिग निशा (7) और मुस्कान (11) की हत्या से एक सप्ताह पहले ही जुम्मा उन्हें गांव लेकर आया था।
जुम्मा 6 जुलाई को अपनी ससुराल उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव बड़ौली लेने गया था। जुम्मा रात को वहीं ठहरा था। छोटी बेटी निशा नहीं आना चाहती थी, वह नाना के घर ही रहना चाहती थी लेकिन जुम्मा उसे भी जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बैठाकर 120 किलोमीटर का सफर तय कर घर लेकर आया। अहसान ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा ही नहीं था कि जुम्मा उनकी हत्या करने को लेकर जा रहा है।
पुलिस के सामने आरोपी का कबूलनामा
सन् 2012 की वारदात: जुम्मा ने अपनी लड़की निशा (9 माह) की हत्या दूसरी लड़की होने के कारण की थी। वारदात के दिन सुबह जुम्मा की पत्नी रीना ने निशा को दूध पिलाने के बाद उसे सुलाने के लिए जुम्मा को सौंपकर खुद रोटी बनाने के चली गई। जुम्मा ने अंदर कमरे में जाते ही उसका मुंह दबा दिया। उसे औंधे मुंह लिटाकर कमरे से बाहर आया और कुछ देर बाद पत्नी से कहा कि आकर देखना बच्ची नीली पड़ी हुई है। रीना को लगा की लड़की सोते समय करवट बदली जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
सन् 2016 की वारदात
जुम्मा ने अपने चार साल के बेटे आर्यन को मारने से पहले पत्नी को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया था। दोपहर तीन बजे बाहर खेल रहे आर्यन को पानी में सल्फास मिलाकर पिला दिया। जिसके बाद जब उसे उल्टी-दस्त होने लगी तो वह परिजनों के साथ उसे लेकर सफीदों के निजी अस्पताल पहुंचा, जहां से खानपुर रेफर कर दिया गया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।