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शहादत से पहले परमजीत सिंह कर गया ऐसा काम, बच्चे बोले- सेल्यूट टू पापा
ब्यूरो/अमर उजाला, तरनतारन(पंजाब)
Updated Wed, 03 May 2017 09:40 AM IST
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पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में मारे गए परमजीत सिंह
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देश के लिए जान कुर्बान करने से पहले परमजीत सिंह एक ऐसा काम कर गया, जानकर आप भी सेल्यूट करेंगे। बच्चे भी बोले- सेल्यूट टू पापा।
पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में मारे गए परमजीत सिंह
सोमवार को जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में मारे गए परमजीत सिंह को 28 अप्रैल को छुट्टी पर आना था, लेकिन वे नहीं आए। क्योंकि उनके दोस्त को तुरंत छुट्टी चाहिए थी, इसलिए उन्होंने अपनी छुट्टी मई के दूसरे हफ्ते तक के लिए स्थगित कर दी थी। शायद किस्मत को यहीं मंजूर था, पर उस दोस्त को सारी जिंदगी परमजीत सिंह ये जिंदादिली याद रहेगी।
पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में मारे गए परमजीत सिंह
वहीं नायब सूबेदार परमजीत सिंह की शहादत की खबर जैसे ही तरनतारन जिले के गांव वई पुई में पहुंची तो मातम पसर गया। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। परमजीत की शहादत पर गांव को नाज है, लेकिन शवों के साथ पाकिस्तान ने जो बर्बरता की उसके खिलाफ गुस्सा भी देखने को मिला। गांव के लोगों ने दुश्मनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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सीमा पर तैनात जवान
- फोटो : File Photo
गांव के सरपंच रंजीत सिंह राणा ने बताया कि परमजीत सिंह 5 महीने पहले घर आया था। उनके पिता उधम सिंह एक किसान हैं और उनके दो भाई भाई चरणजीत सिंह और रंजीत सिंह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में काम करते हैं। परमजीत के परिवार में तीन बच्चे हैं। परमजीत सिंह की 17 वर्षीय बड़ी बेटी सिमरनदीप कौर मैट्रिक, 13 वर्षीय बेटी खुशदीप कौर और 10 वर्षीय बेटा साहिलदीप सिंह श्री गोइंदवाल साहिब में पढ़ाई करते हैं।
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एलओसी पर तैनात जवान
- फोटो : File Photo
साल 2000 में भारतीय फौज में भर्ती हुए परमजीत सिंह की शादी गांव लालपुरा निवासी परमजीत कौर के साथ हुई थी। वहीं बेटे की शहादत गर्व करने वाली मां की आंखों में बेटा खोने का दर्द भी है। विलाप कर रही मां जोगिंदर कौर ने कहा कि कल ही परमजीत का फोन आया था, बात करते हुए बोला माएं एत्थे खतरा तां बहुत ऐ, पर तेरा लाल घबराण वाला नहीं। बेटे इतना कहते ही फफक कर पड़ीं।