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सिंघु बॉर्डर पर बचे सिर्फ 20 हजार किसान, लगातार हो रही घर वापसी, हाथ जोड़कर रोक रहे नेता

Fri, 29 Jan 2021 12:59 AM IST
ajay kumar अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 29 Jan 2021 12:59 AM IST
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Kisan Andolan News: Farmers are returning from Kundli border
किसान आंदोलन। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में बवाल व लाल किला पर धार्मिक झंडा फहराने से निराश किसान कुंडली से लगातार वापस लौट रहे है। नेशनल हाईवे 44 पर कुंडली के पास कोई टेंट को लगा हुआ छोड़कर वापस लौट रहा है तो कोई अपना सामान समेटकर वापस जा रहा है। जहां महिलाएं व बच्चे भी धरनास्थल पर खूब रहते थे, वहीं अब वह काफी कम बचे है। 

Kisan Andolan News: Farmers are returning from Kundli border
कुंडली बॉर्डर में कम हुई किसानों की संख्या। - फोटो : अमर उजाला

उनको रोकने के लिए केएमपी-केजीपी गोलचक्कर के पास वालंटियर व संगठनों के नेता हाथ जोड़ रहे है। वहीं भगोड़ा नहीं बनने के पोस्टर तक दिखाकर भावनात्क रूप से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद भी काफी किसान नहीं रुक रहे है। इस तरह से लाल किला पर धार्मिक झंडा फहराने से किसान आंदोलन को बड़ा झटका लगा है और वहां की स्थिति भी पूरी तरह से बदलती दिख रही है। 

Kisan Andolan News: Farmers are returning from Kundli border
किसान आंदोलन - फोटो : अमर उजाला

कृषि कानूनों के विरोध में किसान नेताओं ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने का एलान किया था। सिंघु बॉर्डर पर करीब 60 हजार ट्रैक्टर के अलावा दो लाख किसान जमा थे। लेकिन जिस तरह से गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड में दिल्ली के अंदर बवाल हुआ है और लाल किला पर धार्मिक झंडा फहराया गया है। उससे आंदोलन को बड़ा झटका लगा है और जिन किसानों के सहारे यह आंदोलन चल रहा था, वह किसान ही लगातार घर लौट रहे है। 

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Kisan Andolan News: Farmers are returning from Kundli border
जीप पर भगोड़े ना बनो का पोस्टर लेकर खड़ा युवक। - फोटो : अमर उजाला

पिछले काफी दिनों से ठंड व बारिश में सड़कों पर बैठे किसान आंदोलन की ऐसी स्थिति को देखकर काफी मायूस हैं। अब हालात यह है कि कुंडली बॉर्डर (सिंघु बॉर्डर) पर करीब 20 हजार किसान ही बचे है। नेशनल हाईवे 44 से गुरुवार को किसानों के घर लौटने का सिलसिला जारी था और उनमें पंजाब के किसान ज्यादा थे, क्योंकि हरियाणा के काफी किसान पहले ही घर वापसी कर चुके है। हालांकि किसान नेताओं का दावा है कि जितने किसान वापस लौटे है, वह ट्रैक्टर परेड के लिए आए थे तो उनसे अलग जितने गए हैं, वह जल्द ही वापस लौटकर आ जाएंगे। 

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Kisan Andolan News: Farmers are returning from Kundli border
ट्रैक्टर पर दीप सिद्धू को किसानों का गद्दार बताते हुए लगाया पोस्टर। - फोटो : अमर उजाला

लाल किला पर झंडा फहराने की घटना का काफी गलत संदेश गया है। यह किसान नेताओं के साथ ही किसान भी जानते है। किसान नेता भी मानते है कि जिस तरह से किसानों की घर वापसी हो रही है, उससे आंदोलन कमजोर हो रहा है। अब आंदोलन की मजबूती पर जोर दिया जा रहा है तो हरियाणा-पंजाब के किसानों के बीच बढ़ रही दरार को भरने पर जोर दिया जा रहा है।

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