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मकर संक्रांति पर 35 साल बाद उभयचरी योग, दो राशियों के लिए बेहद शुभ, करें ये खास उपाय
Tue, 14 Jan 2020 12:59 PM IST
खुशबू गोयल
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 14 Jan 2020 12:59 PM IST
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मकर संक्रांति
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साल 2020 में मकर संक्रांति पर एक ऐसा योग बन रहा है, जो दो राशियों के लिए बेहद शुभ है और ज्योतिषियों ने शुभ फल पाने के लिए एक विशेष उपाय बताया है।
मकर संक्रांति
14 जनवरी की रात 2 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। मकर संक्रांति पर उभयचरी योग 35 साल के बाद बन रहा है। वहीं, शुभ कार्य भी मकर संक्रांति से शुरू हो जाएंगे। निर्णय सिंधु के अनुसार, रात्रि 12 बजे के बाद अगर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो पुण्यकाल अगले दिन होता है और मकर संक्रांति का महत्व भी अगले दिन ही होता है। इसलिए इस साल का मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
मकर संक्रांति
चंडीगढ़ में सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर में भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र के अनुसार, सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करेंगे तो नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी होगा। इस नक्षत्र में पुण्यकाल होने के कारण ही उभयचरी योग बन रहा है। यह उभयचरी योग धनु राशि और मकर राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ समय लेकर आएगा। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है।
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मकर संक्रांति
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि जिसकी कुंडली में शुक्र की महादशा और अंतरदशा हो, विद्या में रुकावट हो तो सफेद वस्त़ु का दान करना चाहिए। शुक्र का दान सफेद वस्तु होता है। इसलिए मकर संक्रांति के दिन सफेद तिल, चावल, दूध, दही, सफेद वस्त्र दान करने का महत्व है। जो लोग गंगा स्नान के लिए किसी कारणवश नहीं जा सकते, वे अपने घर में ही खाली बाल्टी में गंगाजल डालें। गंगाजल डालने के बाद सफेद तिल डालकर बाल्टी में पानी भरकर स्नान करें। यह उपाय गंगा स्नान के बराबर फल देता है।
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मकर संक्रांति
बृहस्पति 10 जनवरी को उदय हो गए...
देवालय पूजक परिषद और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे का कहना है कि सभी मांगलिक कार्य भी मकर संक्राति से शुरू हो जाएंगे। 10 जनवरी को बृहस्पति का उदय हो गया है। इसलिए अब सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। मांगलिक कार्यो में विवाह, गृह प्रवेश, प्रथम तीर्थयात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। 14 दिसंबर, 2019 को बृहस्पति अस्त हो गए थे। अस्त होने के कारण भी मांगलिक कार्य बंद हो गए थे।
देवालय पूजक परिषद और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे का कहना है कि सभी मांगलिक कार्य भी मकर संक्राति से शुरू हो जाएंगे। 10 जनवरी को बृहस्पति का उदय हो गया है। इसलिए अब सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। मांगलिक कार्यो में विवाह, गृह प्रवेश, प्रथम तीर्थयात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। 14 दिसंबर, 2019 को बृहस्पति अस्त हो गए थे। अस्त होने के कारण भी मांगलिक कार्य बंद हो गए थे।