फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस नवरात्रि 40 साल बाद बन रहे कई संयोग, तीन विशेष शुभ फलदायक, जानिए कौन-कौन से

Sun, 29 Sep 2019 04:25 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 29 Sep 2019 04:25 PM IST
विज्ञापन
Many Happy coincidence In This Shardiya Navratri 2019
- फोटो : अमर उजाला

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो चुकी। खास बात यह है कि इस वर्ष शारदीय नवरात्रि में तीन संयोग बन रहे हैं। इस नवरात्रि पांच बार सर्वार्थ सिद्धि योग, तीन बार रवियोग और तीन ही बार अमृत सिद्धि योग बन रहा है। यह संयोग 40 वर्षों के बाद आया है। यह बात सेक्टर 30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कही।

Many Happy coincidence In This Shardiya Navratri 2019

उन्होंने बताया कि आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा (रविवार) को सूर्योदय के लाभ की चौघड़िया सुबह 9.04 बजे से सुबह 10.32 बजे तक रहेगा। इसके बाद सुबह 10.33 बजे से दोपहर 12 बजे तक अमृत की चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त है, इसलिए सुबह 9.04 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक कलश स्थापना और मां भगवती दुर्गा पूजन के लिए के लिए शुभ मुहूर्त है। उन्होंने कहा कि सुबह 7.45 बजे से 9.04 बजे तक चर की चौघड़िया में मध्यम है।

Many Happy coincidence In This Shardiya Navratri 2019

इस बार नवरात्र में पांच बार सर्वार्थ सिद्धि के योग, तीन बार रवियोग और तीन ही बार अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इन तीनों योगों को नवरात्रि में होने के कारण यंत्र, तंत्र और मंत्र की साधना के लिए सबसे शुभ माना गया है। इस योग को कालरात्रि, महारात्रि और मोहरात्रि के नाम से जाना जाता है। मंत्रमहोदधि में इसका उल्लेख है। प्रतिपदा से नवमी तक मां भगवती के पूजन करने से घर में सुख शांति और समृद्धि के अलावा आयु विद्या यश और बल में वृद्धि होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Many Happy coincidence In This Shardiya Navratri 2019

नवरात्रि प्रतिपदा 28 सितंबर दिन शनिवार की रात्रि 11 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर 29 सितंबर दिन रविवार को रात आठ बजकर 13 मिनट पर समाप्त हो रहा है। हस्त नक्षत्र 28 सितंबर दिन शनिवार को रात 10 बजकर 2 मिनट से प्रारंभ होकर 29 सितंबर रविवार को शाम सात बजकर 6 मिनट पर समाप्त हो रहा है। 29 सितंबर दिन रविवार को राहु काल शाम चार बजकर 30 मिनट से शुरू होकर शाम छह बजे तक रहेगा। राहु काल में कलश स्थापन और पूजा नहीं करनी चाहिए।

विज्ञापन
Many Happy coincidence In This Shardiya Navratri 2019

देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवरात्रि में कुमारी कन्याओं का पूजन का विशेष महत्व है।

ऐसे करें पूजा
सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि गौरी गणेश पूजन के बाद कलश, नवग्रह पूजन के बाद मां दुर्गा पूजन करना प्रारंभ करना चाहिए।

पहला नवरात्रि : 29 सितंबर
दूसरा नवरात्रि : 30 सितंबर
तीसरा नवरात्रि : 1 अक्तूबर
चौथा नवरात्रि : 02 अक्तूबर
पांचवां नवरात्रि : 03 अक्तूबर
छठा नवरात्रि : 04 अक्तूबर
सातवां नवरात्रि : 05 अक्तूबर
आठवां नवरात्रि : 06 अक्तूबर
नवम नवरात्रि : 07 अक्तूबर

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed