{"_id":"5aa6472c4f1c1b8c778b4fc3","slug":"mtech-student-karan-chawla-invented-unique-technique-to-cross-light-from-bricks-wall","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देखिए गजब की ईंट, जिसके आरपार हो जाएगी रोशनी, तरीका देख साइंटिस्ट होंगे हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देखिए गजब की ईंट, जिसके आरपार हो जाएगी रोशनी, तरीका देख साइंटिस्ट होंगे हैरान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:00 AM IST
विज्ञापन
अनोखा आविष्कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस शख्स ने गजब की एक ऐसी ईंट बनाई है, रोशनी जिसके आरपार हो जाएगी। बनाने का तरीका देखकर दुनिया भर के साइंटिस्ट भी दंग रह जाएंगे।
अनोखा आविष्कार
एमटेक के एक स्टूडेंट ने ऐसी ईंट बनाई है, जिसमें से रोशनी आसानी से आरपार हो सकती है। अगर इन ईंटों से एक पूरी दीवार बनाई जाए और उस पर 100 वाट की रोशनी की जाए, तो दीवार के दूसरी तरफ करीब 20 वाट की रोशनी जाएगी। जाहिर है इससे बनी दीवार पारकर कमरे में धूप भी दाखिल हो सकती है। अपनी इस खूबी के बावजूद यह ईंट पारदर्शी बिलकुल नहीं है और देखने में यह बिलकुल सीमेंट से बनी नजर आती है। इस ईंट को रोशक्रिट नाम दिया गया है।
अनोखा आविष्कार
इसके निर्माता करन चावला पटियाला स्थित थापर यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग में एमटेक कर रहे हैं। रविवार को वह अपने प्रोजेक्ट की प्रस्तुति देने पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। रविवार को पीयू में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के इंटरप्रनयोनशिप डेवलपमेंट सेल की तरफ से ‘उद्यमी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें शिरकत करने वाले स्टूडेंट्स स्टार्टअप आइडिया लेकर आए थे। इस बीच करन चावला के प्रोजेक्ट को काफी सराहना मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
wall paint
ईंट बनाने में वेस्ट मेटिरियल का इस्तेमाल
करन ने दावा किया कि उन्होंने ईंट बनाने में वेस्ट मेटिरियल का इस्तेमाल किया है। उसका प्रोजेक्ट पेटेंट की प्रक्रिया से गुजर रहा है और जल्द ही बड़े स्तर पर इसका प्रोडक्शन शुरू होगा, क्योंकि कुछ प्रोजेक्ट्स पूरा करने का उन्हें ऑर्डर मिला है। एक फर्म अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट की बाउंड्री वॉल रोशक्रिट से बनवाना चाहती है, ताकि बाउंड्री वॉल के अंदर रोशनी की जाए और बाहर से दीवार चमके। करन ने बताया कि रोशक्रिट से बनी दीवार पर न तो प्लॉस्टर किया जाता है और न ही इस पर रंगरोगन करने की जरूरत है। क्योंकि फिलहाल उन्होंने ग्रे, काला और लाल रंग का रोशक्रिट बनाया है। वैसे जो रंग चाहे, उसमें रोशक्रिट तैयार की जा सकती है।
करन ने दावा किया कि उन्होंने ईंट बनाने में वेस्ट मेटिरियल का इस्तेमाल किया है। उसका प्रोजेक्ट पेटेंट की प्रक्रिया से गुजर रहा है और जल्द ही बड़े स्तर पर इसका प्रोडक्शन शुरू होगा, क्योंकि कुछ प्रोजेक्ट्स पूरा करने का उन्हें ऑर्डर मिला है। एक फर्म अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट की बाउंड्री वॉल रोशक्रिट से बनवाना चाहती है, ताकि बाउंड्री वॉल के अंदर रोशनी की जाए और बाहर से दीवार चमके। करन ने बताया कि रोशक्रिट से बनी दीवार पर न तो प्लॉस्टर किया जाता है और न ही इस पर रंगरोगन करने की जरूरत है। क्योंकि फिलहाल उन्होंने ग्रे, काला और लाल रंग का रोशक्रिट बनाया है। वैसे जो रंग चाहे, उसमें रोशक्रिट तैयार की जा सकती है।
विज्ञापन
sun
- फोटो : sun
क्लास रूम में आया आइडिया, लगे डेढ़ साल
करन चावला ने बताया कि क्लास रूम में बैठे हुए ऐसी ईंट बनाने का आइडिया आया, क्योंकि अक्सर लाइट चली जाती थी और क्लास में अंधेरा हो जाता। जबकि बाहर सूरज की अच्छी-खासी रोशनी होती थी। तब सोचा कि ऐसी ईंटों से दीवार बने, जिसमें से सूरज की रोशनी का कुछ हिस्सा अंदर आ सके। इस सोच को हकीकत में बदलने के लिए करीब डेढ़ साल लग गए। करन ने बताया कि साधारण ईंट की एक दीवार पर अगर 20 हजार रुपये लगेंगे तो रोशक्रिट से बनी दीवार 40 हजार की ही बनेगी, लेकिन उसमें फायदा रोशनी का तो होगा ही, साथ ही प्लास्टर और रंगरोगन भी नहीं करने पड़ेंगे।
करन चावला ने बताया कि क्लास रूम में बैठे हुए ऐसी ईंट बनाने का आइडिया आया, क्योंकि अक्सर लाइट चली जाती थी और क्लास में अंधेरा हो जाता। जबकि बाहर सूरज की अच्छी-खासी रोशनी होती थी। तब सोचा कि ऐसी ईंटों से दीवार बने, जिसमें से सूरज की रोशनी का कुछ हिस्सा अंदर आ सके। इस सोच को हकीकत में बदलने के लिए करीब डेढ़ साल लग गए। करन ने बताया कि साधारण ईंट की एक दीवार पर अगर 20 हजार रुपये लगेंगे तो रोशक्रिट से बनी दीवार 40 हजार की ही बनेगी, लेकिन उसमें फायदा रोशनी का तो होगा ही, साथ ही प्लास्टर और रंगरोगन भी नहीं करने पड़ेंगे।